Wardha News: वाढोणा-पिंपलखुटा सिंचाई योजना को मिलेगी गति, सीएम फडणवीस ने दिए कार्य को पुर्ण करने के निर्देश
र्वी तहसील के पिंपलखुटा उपसा सिंचाई प्रकल्प के कारण आर्वी व कारंजा तहसील के 31 गांव की 7 हजार 106 हेक्टेयर जमीन सिंचाई के दायरे में आने वाली है।
- Written By: आंचल लोखंडे
वाढोणा-पिंपलखुटा सिंचाई योजना को मिलेगी गति। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
वर्धा: आर्वी तहसील के पिंपलखुटा उपसा सिंचाई प्रकल्प के कारण आर्वी व कारंजा तहसील के 31 गांव की 7 हजार 106 हेक्टेयर जमीन सिंचाई के दायरे में आने वाली है। इस योजना का किसानों को बड़ा लाभ होने वाला है। परिणामस्वरूप योजना के कामों को गति प्रदान करें, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में आर्वी विधानसभा क्षेत्र के विकास प्रकल्प के संदर्भ में समीक्षा ली गई।
बैठक में विधायक सुमित वानखेड़े, सार्वजनिक बांधकाम विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर, नगरविकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ. के. एच. गोविंदराज, उद्योग विभाग के सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलरासू, जिलाधिकारी वान्मथी सी. उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, वाढोणा-पिंपलखुटा उपसा सिंचन योजना का प्रस्ताव 15 जुलाई तक राज्य तांत्रिक सल्लागार समिति की ओर प्रस्तुत करें।
🔸CM Devendra Fadnavis chaired a review meeting regarding development works and welfare schemes in the Arvi Assembly Constituency
🔸मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली आर्वी विधानसभा मतदारसंघातील विकासकामे आणि कल्याणकारी योजनांबाबत आढावा बैठक
🔸मुख्यमंत्री देवेंद्र… pic.twitter.com/8IK48Pacx9 — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) June 13, 2025
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! चुनाव आयोग ने दी मंजूरी, 30 जून से पहले माफ होगा 2 लाख तक का कर्ज
पीएम मोदी की अपील से प्रेरित होकर मुंबई की सड़कों पर साइकिल चलाती दिखी अमृता फडणवीस, देखें उनका डैशिंग अंदाज
किसान की बेटी ने CM से मांगा हक तो मिला हॉस्टल छोड़ने का नोटिस, विवाद बढ़ा तो प्रशासन को पीछे खींचने पड़े कदम
ऊर्ध्व वर्धा जलाशय की गादयुक्त जमीन पट्टे पर लेने का मौका, 31 जुलाई तक आवेदन, प्रभावितों को प्राथमिकता
विधायक वानखेड़े ने की पहल
जिसके बाद यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल बैठक में सुधारीत प्रशासकीय मान्यता के लिए प्रस्तुत किया जाए। कारंजा के औद्योगिक क्षेत्र में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान की जल क्षमता में वृद्धि कैसे कर सकते हैं, इसकी तकनीकी जांच कर, सिंचाई क्षेत्र पुनर्स्थापना का खर्च महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम ने लेकर जल आरक्षण प्रस्ताव सरकार की ओर भेजने के निर्देश उन्होंने दिए।
गोहत्या के विरोध में मुंहतोड़ जवाब की गोपीचंद पडलकर ने दी चेतावनी
रबी मौसम में 2,288 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य
कारंजा के अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र के लिए पानी की उपलब्धता के दृष्टि से सिंचाई विभाग ने विविध विकल्पों का अभ्यास कर नियोजन करें। वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ प्रकल्प से कार प्रकल्प में पानी छोड़ने के संदर्भ में अध्ययन करने के आदेश सिंचाई विभाग को दिए। आर्वी उपसा सिंचन योजना वर्तमान में प्रगति पथ पर है। आने वाले रबी सीजन में 2,288 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का टारगेट रखा गया है।
शेष कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने का नियोजन करने का आदेश सीएम ने दिया। उर्ध्व वर्धा प्रकल्प के अंतर्गत आष्टी उपसा सिंचाई योजना की सुधारित प्रशासकीय मान्यता प्रस्ताव 10 दिनों में नियामक बोर्ड को प्रस्तुत करें। भूसंपादन व निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिए।
