तलेगांव के कार्यक्रम में पूर्व विधायक दादाराव केचे को नहीं मिला निमंत्रण, चर्चा में भाजपा की अंदरूनी नाराजगी

Wardha Politics: वर्धा के तलेगांव में आयोजित कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका में पूर्व विधायक दादाराव केचे का नाम और फोटो नहीं होने से भाजपा के भीतर नाराजगी की चर्चा तेज हो गई है।
talegaon program dadarav keche bjp internal discontent
विधायक दादाराव केचेफाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Wardh BJP Factionalism: वर्धा जिले के तलेगांव में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दादाराव केचे को कथित तौर पर दरकिनार किए जाने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम की आधिकारिक निमंत्रण पत्रिका में उनका न तो नाम शामिल किया गया और न ही फोटो प्रकाशित किया गया। इससे नाराज दादाराव केचे ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। इस घटनाक्रम के बाद जिले में भाजपा के भीतर चल रही कथित गुटबाजी और नाराजगी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

तलेगांव में ‘आरोग्य अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत भव्य स्वास्थ्य शिविर, 300 बिस्तरों वाले सामान्य अस्पताल के भूमिपूजन तथा विभिन्न विकास कार्यों का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, भाजपा के पूर्व सांसद रामदास तडस, सुरेश वाघमारे सहित कई पार्टी पदाधिकारी और प्रमुख नेता मंच पर मौजूद थे। हालांकि, आर्वी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक दादाराव केचे को कार्यक्रम में अपेक्षित सम्मानजनक स्थान नहीं मिलने की बात सामने आई है। निमंत्रण पत्रिका में नाम और फोटो नहीं होने के कारण उनके समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

talegaon program dadarav keche bjp internal discontent
वर्धा में भारी बारिश ने बिगाड़ी सड़क-पुलों की हालत, 35 सड़कें टूटीं, 50 किमी डामर उखड़ा

पत्रिका से दादाराव केचे का नाम और फोटो गायब

दादाराव केचे को वर्धा जिले में भाजपा के पुराने एवं निष्ठावान नेताओं में गिना जाता है। भाजपा के शुरुआती दौर में उन्होंने साइकिल से गांव-गांव घूमकर पार्टी का संगठन मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आर्वी क्षेत्र में भाजपा का संगठन खड़ा करने में उनके योगदान का उल्लेख उनके समर्थक लगातार करते रहे हैं। ऐसे में सत्ता में आने के बाद बड़े कार्यक्रम में पार्टी के पुराने नेता को कथित रूप से दरकिनार किए जाने को लेकर उनके समर्थकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

समर्थकों में नाराजगी

समर्थकों का कहना है कि, जिस नेता ने कठिन दौर में पार्टी के लिए मेहनत की और संगठन को मजबूत किया, उन्हें आज बड़े कार्यक्रमों में सम्मान न मिलना पुराने एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं के लिए भी निराशाजनक है। इस पूरे घटनाक्रम से आर्वी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के भीतर पुराने बनाम नए नेतृत्व का मुद्दा फिर से उभरने के संकेत मिल रहे हैं। आगामी दिनों में इस नाराजगी का स्थानीय राजनीति और पार्टी के समीकरणों पर क्या असर पड़ता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

Navbharat Live
navbharatlive.com