

Wardha Heavy Rain Damages Roads Bridges: वर्धा जिले में 31 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टि ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क और पुल व्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। बारिश के कारण जिले के 52 में से 43 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई। इसका सीधा असर जिला परिषद के निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले मार्गों और पुलों पर पड़ा है।
विभाग की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अतिवृष्टि से करीब 35 सड़कें तथा 22 पुल और अन्य स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लगभग 50 किलोमीटर सड़क का डामर उखड़ गया है। कई स्थानों पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से पुलों के ऊपर से पानी बहा, जिससे सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा। लगातार बारिश के कारण कई मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ
सड़क और पुलों को हुए नुकसान के बाद वर्धा जिला परिषद के निर्माण विभाग ने आवागमन सुचारू बनाए रखने के लिए तत्काल अस्थायी मरम्मत का काम शुरू किया है। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर फिलहाल मुरूम डालकर सड़क को चलने योग्य बनाया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता ऐसे मार्गों को बहाल करना है, जहां से ग्रामीणों, किसानों और अन्य नागरिकों का नियमित आवागमन होता है।
अधिकारियों के अनुसार, अस्थायी मरम्मत से बारिश के बाद उत्पन्न हुई आवाजाही की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, लगातार बारिश होने की स्थिति में इन मार्गों की स्थिति पर नजर बनाए रखना भी जरूरी है।
जिला परिषद के निर्माण विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की स्थायी मरम्मत के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध होने के बाद काम शुरू किया जाएगा। करीब 50 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क और 22 पुल-स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन कर आवश्यक उपाययोजना तैयार की जा रही है।
विभाग का कहना है कि स्थायी काम के दौरान सड़क की मजबूती, पुलों की सुरक्षा और भविष्य में अतिवृष्टि से होने वाले नुकसान को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला परिषद निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता शुभम गुंडतवार ने बताया कि फिलहाल नागरिकों को परेशानी न हो, इसलिए अस्थायी मरम्मत जारी है और निधि मिलते ही स्थायी उपाय किए जाएंगे।