

Wardha Sewagram Railway Station: वर्धा जिले के सेवाग्राम रेलवे स्टेशन का हाल ही में सौंदयीकरण किया गया है, किंतु, स्टेशन की ओर जानेवाले मागों के हाल बुरे होते जा रहे है।
सुशील हिम्मतसिंगका स्कूल के बाजू से जानेवाले एक मार्ग के किनारे बड़े पैमाने पर कचरा लाकर डाला जाने से विद्रुपीकरण हो रहा है। जबकि इतवारा से निकलनेवाले दूसरे मार्ग की गत अनेक वर्ष से मरम्मत नहीं की गई। परिणामवश कीचड व गड्ढों से यह मार्ग पटा हुआ है।
सेवाग्राम रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन बडी संख्या में यात्री अवागमन करते है। हाल ही में रेल प्रशासन ने करोड़ों रूपयों का निधि खर्च कर रेलवे स्टेशन का सौंदर्याकरण किया गया, लेकिन रेलवे स्टेशन की ओर आनेवाले मार्गों की और निरंतर अनदेखी हो रही है।
पुराना मार्ग जो वर्धा जिले के सेवाग्राम रेलवे स्टेशन से श्मशानभूमि, इतवारा से निकलता है, वह तो लुप्त होने की कगार पर आ गया है। सेवाग्राम स्टेशन से निकलने पर सड़क तो दिखती है। लेकिन आगे जाने पर बड़े बड़े गड्ढे निर्माण हो गए हैं।
गड्ढा व पानी से मार्ग निकालकर आगे जाने पर बीच सड़क पर ही रेलवे की इमारत दिखाई पड़ती है। इसके बाद गोल चक्कर लगाकर आगे जाना पड़ रहा है। इन दिनों अधिकांश वाहन चालकों को मार्ग से आगे जाने के बाद पुनः वापस लौटना पड़ रहा है। जबकि, सुशील हिम्मतसिंगका स्कूल के बाजू से निकलनेवाले मार्ग के किनारे बड़े पैमाने पर कचरा लाकर फेंक दिया जा रहा है। जिसकी वजह से मार्ग पर गंदगी फैल रही है। उचित उपाययोजना करें, ताकि, कचरा फेकना बंद हो जाए, ऐसी मांग कीतो बंद क्यों नहीं कर देते लूटपाट वाला मार्ग
वर्धा जिले के सेवाग्राम रेलवे स्टेशन शहर से गोडा अंदर आता है। रात के समय मार्ग सुनसान रहने से कई बार लूटपाट की घटनाएं भी घटी है। कई बार यात्री भ्रमित होकर दूसरे मार्ग से चले जाते है, जहां अनुचित घटना घट सकती है वर्षों से मार्ग की मरम्मत नहीं की गई तथा बीच में ही रेल कार्यालय शुरू किया गया अगर प्रशासन को यह मार्ग अवागमन के लिए शुरू नहीं रखना था तो बंद क्यों नहीं कर दिया गया, ऐसा सवाल उपस्थित किया जा रहा है।