कभी साइबेरिया में दिखता था यह पक्षी, अब पहुंचा वर्धा! 'ब्राउन श्राइक' का रिकॉर्ड ई-बर्ड पर दर्ज

Rare Brown Shrike Spotted: वर्धा में पहली बार उत्तर एशिया से आया दुर्लभ प्रवासी पक्षी भुरा लहटोरा देखा गया। ई-बर्ड पर दर्ज हुआ यह रिकॉर्ड पक्षीप्रेमियों के लिए खास उपलब्धि है।
Rare Brown Shrike (Lanius cristatus) spotted in Wardha for first time
दुर्लभ ब्राउन श्राइक (सौजन्य-नवभारत)
Updated on

Wardha News: समीपस्थ सेवाग्राम के खुले झाड़ीदार क्षेत्र में 18 अक्टूबर की सुबह पक्षी प्रजातियों की दिलचस्प दुनिया में भुरा लहटोरा का एक नया अवलोकन जुड़ गया। भुरा लहटोरा को अंग्रेजी में ब्राउन श्राइक के नाम से जाना जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम लैनियस क्रिस्टेटस है। यह पक्षी वर्धा जिले में पहली बार देखा गया।

पक्षी अवलोकन के लिए गए  प्रतीक पाल और राहुल वकारे ने इस पक्षी की तस्वीर ली और इसकी आवाज़ रिकॉर्ड की। उत्तर एशिया से आया एक दुर्लभ आगंतुक और मध्यम आकार का श्राइक पक्षी, भुरा लहटोरा एक शीतकालीन प्रवासी पक्षी है, जो साइबेरिया, मंगोलिया, चीन और जापान से भारत की यात्रा करता है।

ऐसा दिखता है साइबेरिया का 'ब्राउन श्राइक'

लगभग 17 से 20 सेंटीमीटर लंबा यह खूबसूरत पक्षी अपनी भूरी पीठ और सिर, सफेद निचले हिस्से और काली आंख की पट्टी से आसानी से पहचाना जा सकता है। मध्यम आकार का यह साहसी शिकारी पक्षी अपने खटिक जैसे व्यवहार के लिए प्रसिद्ध है।

यह अपने शिकार, छोटे मेंढकों या छिपकलियों को पेड़ की शाखाओं या तारों पर लटकाता है और उसे बाद में खाता है। यह अनोखा तरीका इसे अन्य पक्षियों से अलग करता है और इसकी बुद्धिमत्ता को भी दर्शाता है।

जिले का पहला आधिकारिक रिकॉर्ड

यह दुर्लभ रिकॉर्ड वैश्विक पक्षी डेटाबेस, ई-बर्ड की वेबसाइट पर पक्षी की तस्वीरों के साथ दर्ज किया गया है, और यह वर्धा जिले का पहला आधिकारिक रिकॉर्ड है। यह रिकॉर्ड स्थालातर के प्रवास के दौरान वर्धा जिले में अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को दर्शाता है। इस उपलब्दी के लिए सभी पक्षीप्रेमी प्रतीक पाल और राहुल वकारे को बधाई दे रहें है।

Navbharat Live
navbharatlive.com