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वर्धा. ग्रामीण क्षेत्र में गांवठानों का अभिलेख नहीं रहने से गांवावियों को प्रापर्टी कार्ड के लिए विभिन्न अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ता था़ गांववासियों को उनकी संपत्ति के आधुनिक प्रापर्टी कार्ड व नक्शे तथा गांवठान की संपत्ति अधिकृत रूप से ग्रामपंचायत की सूची में शामिल करने के लिए स्वामित्व योजना चलाई जा रही है़ योजना के अंतर्गत 800 गांवों के प्रापर्टी कार्ड अपडेट होने वाले है़ जिलाधिकारी देशभ्रतार ने इन गांवों के सर्वेक्षण को मंजूरी प्रदान की है.
गांव की बढ़ती जनसंख्या व विकास की विभिन्न योजनाओं के कारण गांव का भौगोलिक बदल हो रहा है़ जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया तेजी से हो रही है़ गांव के अभिलेख नहीं रहने से जगह की स्पष्टता नहीं. गांव में निर्माण कार्य की अनुमति देते समय नक्शा व गांवठान का भूमापन नहीं होने से गांववासियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है़ संपत्ति का सर्वेक्षण नहीं होने से उक्त ग्रामपंचायत अंतर्गत दिखाई नहीं देता़ परिणामवश ग्रापं की टैक्स का नुकसान होता है़ ग्रामीण विभाग की संपत्ति अपडेट करने सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की है.
योजना के अंतर्गत जिले के 800 गांवों का ड्रोन से सर्वेक्षण किया जा रहा है़ इन संपूर्ण गांवठान का सर्वे पूर्ण हुआ है़ इसमें से गांवठान के घर से घर इस पद्धपति से जांच का कार्य पूर्ण किया जा रहा है़ इस सर्वेक्षण से गांवठान की अपडेट गिनती होगी़ गांववासियों को जगह का नक्शा, संपत्ति के मालकियत का पत्र व अपडेट अभिलेख उपलब्ध होने वाले है़
योजना के अनुसार संपत्ति का जीआयएस आधारित रेखांकन व मूल्यांकन किया जाने वाला है़ प्रत्येक घर तथा खुली जगह व रास्ते का नक्शा तैयार किया जाएगा़ निजी व सरकारी संपत्ति पर नगर भूमापन क्रमांक दिए जाएंगे़ प्रत्येक की आय पत्रिका तैयार होने से घर पर कर्ज लेने के साथ ही विभिन्न कार्य में इसका फायदा मिलेगा़ इन गांवों में से 157 गांव के प्रत्येक घरों का टैक्स पत्रक आनलाइन तैयार किया है़ 75 गांव के घरों की सनद आनलाइन तैयार होने से जांच का कार्य शुरू है़ जिलाधिकारी ने योजना के अंतर्गत गांव के सर्वेक्षण को मान्यता दी़ 800 गांव के भूमापन का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश भूमि अभिलेख विभाग को दिए है.