E-KYC नहीं तो पैसे नहीं, लाड़ली बहनों का सिरदर्द बनीं लाडकी बहन योजना, सर्वर डाउन से सिस्टम डेड!

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र महायुति सरकार की लाडकी बहन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब यही योजना लाडकी बहनों का सिर दर्द बनती जा रही है।
Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र महायुति सरकार की लाडकी बहन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब यही योजना लाडकी बहनों का सिर दर्द बनती जा रही है।
लाडकी बहिन योजना बनी सर्वर डाउन (सौजन्य-नवभारत)
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Wardha Latest News: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र की शिंदे सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब सरकार ने 18 सितंबर 2025 को एक निर्णय जारी करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि सभी लाभार्थी महिलाएं 18 नवंबर 2025 तक ई-केवाईसी पूरा करें, अन्यथा उन्हें आगे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इस कारण लाभार्थी महिलाएं ई-केवाईसी कराने के लिए काफी कोशिशें कर रही हैं, लेकिन सरकारी पोर्टल पर बार-बार सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी पोर्टल खुलता नहीं, तो कभी आधार प्रमाणीकरण अटक जाता है। कई महिलाएं सुविधा केंद्र पर जाकर अथवा स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतें उन्हें बार-बार निराश कर रही हैं।

चौदहवीं किस्त के लिए प्रोसेस शुरू

दीपावली पूर्व इस योजना की चौदहवीं किस्त वितरित करने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर चल रही है। इसी दौरान ई-केवाईसी की अनिवार्यता के चलते कई महिलाएं योजना से बाहर हो सकती हैं यदि उन्होंने निर्धारित समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। लाभार्थी महिलाओं की मांग है कि सरकार को पोर्टल की तकनीकी समस्याएं तुरंत दूर करनी चाहिए ताकि सभी को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

3,20,491 कुल आवेदन

2,99,713 पात्र महिलाएं

20,778 अपात्र महिलाएं

154 योजना छोड़ने वाली महिलाएं

154 महिलाओं ने योजना से हटाया नाम

वर्धा जिले में इस लाडली बहन योजना के तहत कुल 3 लाख 20 हजार 491 महिलाओं ने आवेदन किया था। इन आवेदनों की जांच के बाद 20 हजार 778 महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया, जबकि शेष 2 लाख 99 हजार 713 महिलाएं पात्र पाई गई। इन पात्र लाभार्थियों में से अब तक 154 महिलाओं ने स्वयं योजना से नाम वापस ले लिया है।

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