'तू कलंक है, मर जा...', बेटी को खुद थमाया 'मौत का सिलेंडर', WhatsApp पर भेजा सुसाइड का ट्यूटोरियल!

Nakshatra Wankhede Suicide: वर्धा में पिता ने बेटी को लाकर दिया 'मौत का सिलेंडर'। हेलियम गैस से आत्महत्या के लिए उकसाया। माँ ने लगाया पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप।
Shocking: Father provides Helium gas cylinder & WhatsApp video to daughter for suicide in Wardha.
वर्धा में आत्महत्या (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
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Father abetting daughter suicide: एक पिता द्वारा ही अपनी बेटी को लगातार ताने मारकर, मारपीट कर और अनैतिक संबंधों का विरोध करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाया गया। इतना ही नहीं आरोपी पिता ने बेटी को आत्महत्या के लिए हेलियम गैस का सिलेंडर लाकर दिया और उसे इस्तेमाल करने का तरीका बताते हुए व्हॉट्सऐप पर वीडियो भी भेजा।

इस गंभीर घटना के बावजूद राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप मृतक युवती की मां, डॉ. सुषमा अरुण वानखेडे ने लगाया है। न्याय की मांग को लेकर अब उन्होंने पत्रकार परिषद के माध्यम से समाज के सामने आने का निर्णय लिया है।

डॉ. सुषमा अरुण वानखेड़े (निवासी ड्रीमलैंड सिटी, सावंगी मेघे, वर्धा) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनके पति डॉ. अरुण उत्तम वानखेडे, ननद प्रमिला विणकरे तथा रेवती देवतले द्वारा किए जा रहे लगातार उत्पीड़न से तंग आकर उनकी बेटी नक्षत्रा अरुण वानखेडे ने 6 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि हेलियम गैस सूंघकर आत्महत्या कर ली।

मां ने बताई पूरी कहानी

डॉ. सुषमा का आरोप है कि उनके पति अरुण वानखेडे के रेवती देवतले के साथ अनैतिक संबंध थे, जिसका वे और उनकी बेटी नक्षत्रा विरोध कर रही थीं। इसी बात को लेकर अरुण वानखेडे दोनों के साथ मारपीट करते थे। वे नक्षत्रा को “तू हमारे परिवार के लिए कलंक है, तेरा पायगुण खराब है, तू मर जा” जैसे शब्द कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। चरम पर तब बात पहुंची जब अरुण वानखेडे ने बेटी को बताया कि हेलियम गैस से आत्महत्या की जा सकती है। इसके लिए उन्होंने उसे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया और इंस्टॉलेशन का वीडियो व्हॉट्सऐप पर भेजा। पिता की लगातार प्रताड़ना और मानसिक दबाव से टूटकर नक्षत्रा ने आखिरकार अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

वर्धा पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में

घटना के बाद अरुण वानखेड़े फरार हो गया। बेटी का अंतिम संस्कार डॉ. सुषमा ने अकेले ही किया। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को उन्होंने सावंगी (मेघे) पुलिस थाने में अपने पति अरुण उत्तमराव वानखेड़े, ननद प्रमिला गजानन विणकरे और पति की कथित महिला मित्र रेवती देवतले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

बावजूद इसके मामला संज्ञेय होने के बाद भी राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। जांच अधिकारी विशाल डोणेकर और थाना प्रभारी पर पति को बचाने का प्रयास करने का आरोप भी डॉ. सुषमा ने लगाया है।

न्याय की गुहार

डॉ. सुषमा ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महिला एवं बाल विकास विभाग को शिकायतें सौंपी हैं। 26 दिसंबर को उन्होंने वर्धा पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की, लेकिन मोबाइल बाहर रखने के कारण वे सबूत के तौर पर मौजूद ऑडियो-वीडियो नहीं दिखा सकीं।

डॉ. सुषमा का कहना है, मेरे पास मेरे पति के विकृत व्यवहार से जुड़े ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और व्हॉट्सऐप चैट जैसे ठोस सबूत हैं। पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषी पति, ननद व संबंधित पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर मुझे न्याय दिलाना चाहिए।

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