शरणार्थी से नेतृत्व तक, सिंधी समाज हर क्षेत्र में अग्रणी; नागपुर में बोले सीएम फडणवीस
Nagpur Devendra Fadnavis Sindhi Event: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि सिंधी समाज ने शून्य से शुरुआत कर व्यापार समेत हर क्षेत्र में पहचान बनाई और राष्ट्र विकास में अहम योगदान दिया।
- Written By: अंकिता पटेल
फडणवीस, सिंधी समाज, नागपुर कार्यक्रम,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Sindhi Community Property Rights: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि भारत में शरणार्थी के रूप में आए सिंधी समाज ने शून्य से अपनी शुरुआत थी। आज यह समाज व्यापार सहित देश के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वे विदर्भ सिंधी विकास परिषद द्वारा जरीपटका स्थित महात्मा गांधी हाईस्कूल के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर सिंधी समाज बंधुओं को मालिकी हक के पट्टों का वितरण किया गया तथा समाज के नगरसेवकों का सम्मान भी सीएम के हाथों किया गया।
कार्यक्रम में भगवानदास सवनानी, विधायक कुमार ऐलानी, अमरावती के महापौर श्रीचंद तेजवानी, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय संरक्षक घनश्याम कुकरेजा, सिंधी विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. विंकी रुघवानी, संयोजक वीरेंद्र कुकरेजा और सचिव पीटी दारा उपस्थित थे। इस दौरान 36 नगरसेवकों का सम्मान किया गया जिनमें से 12 नवनिर्वाचित नगरसेवकों का प्रतिनिधिक रूप से सम्मान मुख्यमंत्री के हाथों किया गया।
संघर्ष से सफलता तक सिंधी समाज का सफर: फडणवीस
दुःख को संघर्ष की शक्ति में बदला मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि देश के विभाजन के बाद सिंधी समाज को अपना घर, खेती और व्यापार छोड़कर भारत आना पड़ा। कई वर्षों तक इस समाज को शरणार्थी शिविरों में जीवन बिताना पड़ा लेकिन समाज ने अपने दुःख को संघर्ष की शक्ति में बदल दिया। आज यह समाज हर क्षेत्र में अग्रणी है और देश के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंधी समाज बंधुओं को नागरिकता प्रदान करने के लिए देशभर में अभियान चलाया गया। सिंधी समाज जिन जमीनों पर रह रहा था वे अतिक्रमण की श्रेणी में मानी जा रही थीं, इसलिए लंबे समय से समाज की मांग थी कि उन्हें स्वामित्व पट्टे दिए जाएं, अवसर मिलते ही हमने इस समस्या का समाधान किया और सिंधी समाज बंधुओं को वर्ग-1 के अंतर्गत 100 प्रतिशत स्वामित्व अधिकार वाले पट्टे देने का निर्णय लिया।
इससे बड़ी संख्या में सिंधी समाज को भूमि स्वामित्व प्राप्त करने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में इस निर्णय को तेजी से लागू किया जाएगा, साथ ही उल्लासनगर में रहने वाले सिंधी समाज बंधुओं के लिए अलग प्रकार से नियमितीकरण का निर्णय भी लिया जाएगा, डॉ। विंकी रुघवानी ने प्रस्तावना रखी। विक्की कुकरेजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
350 समाज बंधुओं को पट्टों का वितरण
भारत विभाजन के बाद पश्चिम पाकिस्तान से आए सिंधी विस्थापितों का पुनर्वास नागपुर जिले के खामला, मैकोसाबाग और जरीपटका क्षेत्रों में किया गया था। इन तीनों बस्तियों को आधिकारिक विस्थापित कॉलोनी का दर्जा दिया गया।
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पिछले 70 से 75 वर्षों से यहां रह रहे विस्थापित परिवारों ने नागपुर शहर के आर्थिक, सामाजिक और व्यापारिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे 350 सिंधी समाज बंधुओं को सीएम के हाथी मालिकी हक के पड़े वितरित किए गए।
