

Pipariya village tiger attack news: रामटेक अंतर्गत पिपरिया गांव में मंगलवार को एक बाघ ने महिला पर हमला कर अपना शिकार बना लिया था। उक्त बाघ अब वन विभाग की गिरफ्त में है। बता दें कि बाघ के हमले में पिपरिया गांव निवासी संगीता गोपीचंद वागारे (46) की मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने आपातकालीन प्रतिक्रिया उपाय शुरू किए। क्षेत्र की गहन निगरानी की गई।
पदचिह्न विश्लेषण, कैमरा ट्रैप डेटा और विस्तृत क्षेत्रीय अवलोकन के आधार पर टीयूआई-08 नामक बाघ की पहचान की गई। पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अक्षय गजभिये के मार्गदर्शन में उक्त बाघ को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। हमले के 24 घंटों के भीतर आदमखोर बाघ वन विभाग की गिरफ्त में आ गया।
बाघ को पकड़ने में सहायक वन संरक्षक पूजा लिम्बगावकर, वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक राजुरकर, जयेश तायडे, पशु चिकित्सक सुजीत कोलंगाथ, श्रीकांत ढोबले समेत अन्य वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहायता की।
टीयूआई-08 नाम बाघ को पकड़ना अति आवश्यक था। इस बाघ ने पहले भी इंसानों को अपना शिकार बनाया था। टीयूआई-08 बाघ ने विगत 28 अक्टूबर को झिंजेरिया गांव में इमाला काशीनाथ इन्वाते और विगत 5 दिसंबर को अशोक उके पर हमला कर अपना शिकार बनाया था। इसी के साथ वह पशुधन हानि में भी शामिल था। आखिरकार उसे वन विभाग ने पकड़ लिया।
पेंच टाइगर रिजर्व गहरी संवेदना व्यक्त करता है। सरकार के नियमों के अनुसार मृतक के परिवार को सभी आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वन विभाग सीमावर्ती गांवों के निवासियों से अपील करता है कि वे सुरक्षा संबंधी सलाहों का सख्ती से पालन करें और इस तरह के संवेदनशील अभियानों के दौरान वन अधिकारियों के साथ सहयोग करें।
- अक्षय गजभिए, फील्ड डायरेक्टर, पेंच टाइगर रिजर्व