Wardha Municipal Council: वर्धा नगर परिषद के अध्यक्ष सुधीर पांगुल ने अपने 100 दिनों के कार्यकाल को संतोषजनक बताते हुए कहा कि इस दौरान शहर में स्वच्छता, पानी, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर उल्लेखनीय काम किए गए हैं. बुधवार, 15 अप्रैल को आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने बताया कि आगामी छह महीनों के लिए भी विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है.
उन्होंने बताया कि घनकचरा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. इंझाला स्थित डंपिंग यार्ड की खराब स्थिति को सुधारते हुए वहां की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है. कचरा प्रबंधन के लिए 2 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई है. साथ ही, महावितरण का 4 करोड़ रुपये का बकाया बिजली बिल था, जिसमें से 3 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है. अभय योजना के तहत संपत्ति कर पर ब्याज दर में 50 प्रतिशत की छूट देने से कर वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कुल 84 प्रतिशत वसूली दर्ज की गई है.
योजना की अवधि बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है. बिजली खर्च कम करने के लिए पवनार और येलाकेली के पंपिंग स्टेशनों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना है. इसके अलावा सेवाग्राम रेलवे स्टेशन के पास भी सौर ऊर्जा यूनिट स्थापित कर नगर परिषद को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. 15वें वित्त आयोग से प्राप्त 11.50 करोड़ रुपये के फंड से स्वच्छता, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति से जुड़े कार्य किए जाएंगे.
शहर में जल्द ही 10 स्टेनलेस स्टील शौचालय भी स्थापित किए जाएंगे. बाक्स182 में से सिर्फ 49 दुकानों से ही वैध अनुबंध नगर परिषद के 182 दुकानों में से केवल 49 के साथ ही वैध अनुबंध होने की जानकारी सामने आई है. कई दुकानों को अवैध रूप से किराए या बेचे जाने के मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. शहर में प्लास्टिक थैलियों के बढ़ते उपयोग पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पुलिस विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा. साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी. इस अवसर पर गटनेता परवेज खान, नगरसेवक मुन्ना झाडे, प्रदीप जग्यासी, श्वेता पाठक, नदीम रिंकू, अर्चना सोमवंशी और जयश्री आगरकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.