अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha Driving License News: विदेश में वाहन चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस (इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट) आवश्यक होता है। यह एक ऐसा दस्तावेज है जो भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस को उन देशों में मान्यता देता है, जो अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस कन्वेंशन के हस्ताक्षरकर्ता हैं। शिक्षा और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विदेश में वाहन चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस की मांग भी बढ़ती जा रही है।
यह लाइसेंस उपक्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा जारी किया जाता है। वर्धा जिले से पिछले छह वर्षों में कुल 163 लोगों ने अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। इसमें छात्रों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है।
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। साथ ही उसके पास भारत में जारी वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। इसके अलावा आवेदन की तारीख से कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट होना जरूरी है।
पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली बिल या टेलीफोन बिल जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। लाइसेंस के लिए फॉर्म 4-ए भरना होता है और इसके लिए एक हजार रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है। इस लाइसेंस के लिए किसी मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती।
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदक को वीजा और पासपोर्ट की जानकारी दर्ज करनी होती है तथा एक हजार रुपये शुल्क जमा करना होता है। यदि कोई व्यक्ति विदेश में रहते हुए यह लाइसेंस बनवाना चाहता है, तो वह भारतीय दूतावास के माध्यम से आवेदन कर सकता है। इसके लिए तीन हजार रुपये शुल्क देना होता है। यह जानकारी वर्धा एआरटीओ कार्यालय द्वारा दी गई है।
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अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए फॉर्म 4-ए भरकर आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना होता है। वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म 4-ए भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आरटीओ कार्यालय में जमा करना पड़ता है।