दान के नाम पर धन संग्रह, वर्धा में 21 महिलाएं और 7 बच्चे संरक्षण में; संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा

Wardha News Fundraising Scam: वर्धा में दान और मैजिक बुक बिक्री के नाम पर धन एकत्र कर रहे 21 महिलाओं और 7 बच्चों को पुलिस व महिला एवं बाल विकास विभाग ने संरक्षण में लिया है।
Fundraising in the Name of Charity: 21 Women and 7 Children Taken into Protective Custody in Wardha; Major Revelations Emerge from Joint Operation
दान संग्रह, वर्धा, महिला एवं बाल विकास, पुलिस कार्रवाई,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Wardha Donation Collection News: वर्धा दान के नाम पर लोगों से पैसे एकत्र करने के मामले में पुलिस एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजस्थान और गुजरात से आए 21 महिलाओं के साथ साथ 7 बच्चों के एक समूह को संरक्षण में लिया। यह समूह वर्धा शहर के सिविल लाइन्स, आर्वी नाका चौराहा सहित विभिन्न क्षेत्रों में मैजिक बुक बिक्री और दान संग्रह के नाम पर लोगों से धन मांग रहा था।

दान संग्रह के नाम पर सक्रिय बाहरी समूहों की जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुप्तचर शाखा को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग शहर के प्रमुख एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खड़े होकर लोगों से दान एकत्र कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक सौरव कुमार के नेतृत्व में वर्धा शहर पुलिस तथा महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त जांच शुरू की। पुलिस निरीक्षक संतोष ताले तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तृप्ति चव्हाण के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण कक्ष और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने महिलाओं और उनके साथ मौजूद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। जांच के दौरान संबंधित समूह के सदस्य मोहन धर्मशाला में ठहरे हुए पाए गए। इस कार्रवाई में शहर थाने के एपीआई जाधव, पीएसआई बानोत, जिला बाल संरक्षण अधिकारी महेश कामडी, चाइल्ड हेल्पलाइन के आशीष मोडक सहित पुलिस विभाग सहित शहर पुलिस थाने के कर्मचारी गहुकर, सीमा धोंगडे, महिला बाल विकास विभाग की कर्मचारी वैशाली मिस्कीन, माधुरी शंभरकर, शीतल घोडराव, जयश्री निवल, सूरज वानखेडे, ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट के संतोष ढोणे, वैभव भांनंदकर, रेल्वे सुरक्षा बल के पीएसआई मिश्रा, लोहमार्ग के कर्मी भावे ने अहम भूमिका निभाई।

महिलाओं से पूछताछ कर की गई दस्तावेजों की जांच

पुलिस ने सभी महिलाओं को थाने लाकर पूछताछ की, महिला पुलिस कर्मियों द्वारा की गई तलाशी में दानदाताओं की सूची और विभिन्न प्रकार के दस्तावेज मिले, लेकिन किसी भी पंजीकृत संस्था का नाम अथवा पंजीकरण क्रमांक नहीं पाया गया। पुलिस ने महिलाओं के आधार कार्डों की जांच के बाद उनके गतिविधियों का संबंध गुजरात के अहमदाबाद जिले के ओढव क्षेत्र से होने की जानकारी प्राप्त की। मामले की अन्य पहलुओं से जांच की जा रही है तथा आवश्यक जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की गई है।

बिना सत्यापन के धनराशि न दें: चव्हाण

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तृप्ति चव्हाण ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार के समूहों को बिना सत्यापन के धनराशि न दे। यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई टोली दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को दै।

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