महाराष्ट्र झुग्गी अधिनियम 1971 का उल्लंघन! बिना पुनर्वास कैसे चला बुलडोजर? विधानसभा में गूंजा सवाल

Nagpur Slum Demolition Mankapur: विधायक विकास ठाकरे का विधानसभा में पर्दाफाश। मानकापुर की 2 झुग्गियों पर चला अवैध बुलडोजर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन और पुनर्वास की मांग।
MLA Vikas Thakre exposes Nagpur admin for illegal slum demolition in Mankapur, violating SC orders. Demands rehabilitation for Sant Dnyaneshwarnagar families.
विधायक विकास ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Vikas Thakre MLA Nagpur: पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने विधानसभा में जिला प्रशासन और नागपुर महानगरपालिका की मनमानी का पर्दाफाश किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि मानकापुर क्षेत्र की 2 झुग्गियों, संत ज्ञानेश्वरनगर और राजनगर झुग्गियों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और कानूनी मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है जिस कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खुले में असहनीय गर्मी में और अमानवीय परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कार्रवाई न केवल गैर कानूनी है बल्कि अत्यंत अमानवीय भी है।

महाराष्ट्र झुग्गी क्षेत्र अधिनियम 1971 क्या है?

विकास ठाकरे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र झुग्गी क्षेत्र अधिनियम 1971 के तहत झुग्गी-झोपड़ियों को हटाते समय पात्र निवासियों का पुनर्वास करना अनिवार्य है। उन्होंने मांग की है कि संत ज्ञानेश्वरनगर और राजनगर में विस्थापित हुए सभी परिवारों का तत्काल और पारदर्शी सर्वेक्षण किया जाना चाहिए, सभी पात्र झुग्गीवासियों को तत्काल स्थायी पुनर्वास या वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाना चाहिए।

जिम्मेदारियां तय करनी की सख्त कार्रवाई

साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। गरीबों, वंचितों और कमजोरों के खिलाफ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यह चेतावनी देते हुए ठाकरे ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

पीआई मिर्जापुरे को हुड़केश्वर की कमान

सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने बुधवार को 5 पुलिस निरीक्षकों की तैनाती में आंतरिक बदलाव किए। धंतोली की थानेदार अनामिका मिर्जापुरे को हुड़केश्वर थाने की कमान सौंपी गई है, जबकि हुड़केश्वर के पीआई हृदयनारायण यादव को कंट्रोल रूम भेजा गया है। लकड़गंज के क्राइम पीआई साईंनाथ रामोड को धंतोली का थानेदार बनाया गया है। वहीं कोराडी के इंचार्ज पोपटराव धायतोंडे का तबादला आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा में किया गया है।

उनकी जगह पर कलमना के क्राइम पीआई गणेश धुमाल को कोराडी का थानेदार नियुक्त किया गया। आने वाले समय में और भी पुलिस निरीक्षकों की तैनाती में फेरबदल किए जाने का अनुमान है। वैसे भी आगामी 1 महीने में राज्य पुलिस में सामान्य तबादले होने वाले हैं। इसमें कई अधिकारी शहर से बाहर जाएंगे और अन्य जिलों से अधिकारी नागपुर आएंगे। ऐसे में और भी बदलाव होने की पूरी संभावना है।

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