वर्धा में बच्चों से कराया जा रहा एसआईआर का काम (सौजन्य-नवभारत)
Voter List Revision SIR: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के लिए नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा अपनी जिम्मेदारी छात्रों पर डालने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मदनी दिंदोडा क्षेत्र में एक शिक्षक ने छात्रों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी है।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम इन दिनों चल रहा है और इसकी पूरी जिम्मेदारी बीएलओ पर सौंपी गई है। सरकार ने इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में लागू कर संबंधित अधिकारियों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने और सत्यापन की जिम्मेदारी दी है। लेकिन हकीकत में कुछ जगहों पर बीएलओ स्वयं कार्य करने की बजाए छात्रों से काम करवा रहे हैं, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।
रेहकी कला गांव में तो छात्रों से ही रसीद लिखवाई गई। इतना ही नहीं, उन रसीदों को घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी छात्रों पर डाल दी गई। तेज धूप में स्कूली बच्चे गांव-गांव घूमकर रसीद बांटते नजर आए।
खास बात यह है कि पढ़ाई के समय ही छात्रों को कक्षा से बाहर निकालकर इस काम में लगाया गया। ‘बीएलओ ऊंट पर बैठकर बकरियां हांक रहे हैं और छात्र धूप में भटक रहे हैं’, ऐसी तीखी प्रतिक्रिया अभिभावकों ने दी है। शैक्षणिक समय में छात्रों से सरकारी काम करना कितना उचित है, यह सवाल उठाया जा रहा है।
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इस बीच, वर्ष 2002 के बाद विवाह कर दूसरे गांवों में बस चुकी महिलाओं को अपने मूल गांव के मतदाता सूची क्रमांक, भाग क्रमांक और सूची में क्रम संख्या खोजकर संबंधित बीएलओ को जानकारी देना अपेक्षित है। यह प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छात्रों पर छोड़ने से मतदाता सूची की सटीकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों से मतदाता सूची पुनर्निरीक्षण का कार्य करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करने मांग हो रही है।