वर्धा में साढ़े पांच माह में पांच बार फूटी मुख्य पाइपलाइन, 3.50 लाख रुपये खर्च
Pipri Meghe Water Supply: वर्धा के पिपरी सहित 14 गांवों की प्यास बुझाने वाली मुख्य पाइपलाइन समृद्धि महामार्ग के कारण अटकी पड़ी है। 5 महीनों में 5 बार लाइन फूटने से लाखों का नुकसान हुआ है।
- Written By: केतकी मोडक
वर्धा जल पाइपलाइन लीकेज प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Wardha Water Pipeline Leakage: वर्धा शहर से सटे पिपरी (मेघे) सहित 14 गांवों को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा पेयजल आपूर्ति की जाती है। हालांकि, येलाकेली स्थित पंपिंग हाउस से हनुमान टेकड़ी क्षेत्र के जलशुद्धीकरण केंद्र तक नई मुख्य जलवाहिनी बिछाने का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। बताया जा रहा है कि समृद्धि महामार्ग परियोजना का संचालन करने वाली एमएसआरडीसी की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य अटका हुआ है।
जानकारी के अनुसार, धाम नदी से पानी उठाकर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण पिपरी गांव (मेघे) सहित 14 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराता है। 300 मीटर लाईन बिछाने का कार्य रुका वर्ष 2005 से 2009 के बीच स्वीकृत जलापूर्ति योजना के तहत येलाकेली से हनुमान टेकड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र तक 559 मिमी व्यास और 7,020 मीटर लंबी मुख्य जलवाहिनी बिछाई गई थी।
समय के साथ यह पाइप लाइन पुरानी और जर्जर हो गई तथा बार-बार फूटने लगी। इसी समस्या को देखते हुए वर्ष 2020 में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 700 मिमी व्यास और 7,020 मीटर लंबी नई जलवाहिनी बिछाने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति के साथ लगभग 17।19 करोड़ रुपये का निधि भी स्वीकृत किया गया।
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300 मीटर के अधूरे काम के कारण नहीं शुरू हो पा रहा नया प्रोजेक्ट
परियोजना के तहत करीब 6,700 मीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछाकर उसे चालू भी कर दिया गया, लेकिन मार्ग में समृद्धि महामार्ग आने के कारण शेष 300 मीटर पाइप लाइन का कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों ने शेष पाइप लाइन बिछाने के लिए कई बार एमएसआरडीसी से पत्राचार किया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
परिणामस्वरूप नई जलवाहिनी पूरी तरह कार्यान्वित नहीं हो सकी और पुरानी पाइप लाइन पर निर्भरता बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से 17 जून के बीच पुरानी मुख्य जलवाहिनी पांच बार फूट चुकी है। हर बार जलापूर्ति बाधित हुई और पाइपलाइन की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च करने पड़े। इससे पिपरी (मेघे) सहित 14 गांवों के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मरम्मत पर 3.50 लाख रुपये खर्च
जनवरी 2026 से 17 जून 2026 के बीच पांच बार पाइप लाइन फूटने के कारण महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को मरम्मत कार्य पर लगभग 3।50 लाख रुपये खर्च करने पड़े। अधिकारियों ने समय रहते पाइप लाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नई पाइप लाइन का शेष कार्य पूरा होने के बाद ही संभव है। मजीप्रा के उपविभागीय अभियंता दीपक धोटे ने बताया कि वर्ष 2020 में नई जलवाहिनी परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद 6,700 मीटर पाइप लाइन बिछाकर उसे चालू कर दिया गया है। शेष 300 मोटर पाइप लाइन का कार्य दिवाली से पहले पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
