गोंदिया में RTO कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, परिवहन सेवाएं प्रभावित
RTO Employee Protest: लंबे समय से लंबित मांगों और पदोन्नति में हो रही देरी के खिलाफ गोंदिया सहित राज्यभर के RTO कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
- Written By: केतकी मोडक
RTO ऑफिस (सोर्स - फोटो नवभारत)
Gondia RTO Strike News: मोटर वाहन विभाग (आरटीओ) कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार टालमटोल का आरोप लगाते हुए राज्य और जिले के आरटीओ कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। व्यस्त समय में इस हड़ताल के कारण जिले के सभी प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों का दैनिक परिचालन और नागरिकों से जुड़ी कई सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो गई हैं।
गोंदिया के 14 कर्मचारी आंदोलन में शामिल
मोटर वाहन विभाग की नई योजना को मंजूरी मिले साढ़े तीन साल से अधिक समय हो गया है। लेकिन, प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक सेवा पहुंच नियमावली नहीं बनाई गई है। इसका असर सैकड़ों ईमानदार कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जो अपने अधिकार के पदोन्नति से वंचित हैं। कर्मचारियों को हुई इस भारी आर्थिक व सामाजिक क्षति से पूरे विभाग में गहरा असंतोष फैल गया है।
प्रशासन से ‘मार्गदर्शन’ के नाम पर हड़ताल टालने का आह्वान करने वाले कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरटीओ कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, वहीं गोंदिया जिले के 14 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। इसमें ऑफिस स्टाफ के साथ-साथ चेक पोस्ट स्टाफ भी शामिल हैं। क्योंकि यह हड़ताल अनिश्चितकालीन है, ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि आरटीओ कार्यालय कब तक बंद रहेगा।
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प्रस्ताव भेजने के बाद भी प्रशासन की अनदेखी
- कर्मचारियों की अधिकांश मांगों का समाधान स्थानीय प्रशासन स्तर पर आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए संगठन ने बार-बार पहल की। सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत जमा किए।
- लेकिन, संगठन ने आलोचना की है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने केवल ‘मार्गदर्शन’ के बहाने ये प्रस्ताव सरकार को भेजे और जानबूझकर देरी की।
- इस बढ़ते आंदोलन के मद्देनजर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कुछ दिन पहले कर्मचारियों के साथ एक अहम बैठक की थी।
