Vasai Virar Cleaning Workers: वसई-विरार मनपा पर सफाई कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप, आयोग ने लगाई फटकार
Vasai Virar Municipal में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने पर प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Cleaning Workers Housing Salary: वसई-विरार शहर महानगरपालिका की कार्यशैली और सफाई कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैये को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
बरसों से शहर को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारी आज खुद बुनियादी सुविधाओं, समय पर वेतन और पक्के मकानों के लिए तरस रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सारवान ने मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और उन्हें कड़ी फटकार दी।
सोमवार को वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मुद्दा गरमाया। बैठक में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई कर्मचारी पिछले 20 से 25 वर्षों से पालिका की सोसायटी में रह रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें इन घरों का मालिकाना हक नहीं नसीब हुआ। बेहद जर्जर हो चुके इन मकानों की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है।
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अन्याय बर्दाश्त नहीं, जल्द करें जर्जर मकानों की मरम्मत
कर्मचारियों की बदहाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए सारवान ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ अब किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो कर्मचारी 25 साल से अधिक समय से पालिका आवासों में रह रहे हैं, उनके घर तुरंत उनके नाम ट्रांसफर किए जाएं और जर्जर मकानों की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू हो।
वसई-विरार के सफाई कर्मचारियों के दर्द को करीब से समझने आया हूं। सालों से इन्हें इनके हक से वंचित रखा गया है। अगर प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, तो आयोग मनपा के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
– मुकेश सारवान, उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
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वेतन, पदोन्नति और सुरक्षा उपकरणों पर खिंचाई
- इसके साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि जिन बेघर कर्मचारियों को अब तक आवास नहीं मिले हैं, उन्हें सरकार की श्रम साफल्य योजना के तहत जल्द से जल्द घर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
- कर्मचारियों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर मासिक वेतन नहीं मिलता, धुलाई भत्ता लंबे समय से लंबित है, पदोन्नतियां अटकी हुई है और काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों व स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव है। सारवान ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासनों के भरोसे नहीं टाला जा सकता।
- उन्होंने लाड समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करने, समय पर वेतन देने, आधुनिक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के कड़े निर्देश दिए।
- उन्होंने साफ किया कि यदि मनपा प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आयोग सख्त कानूनी रुख अपनाएगा। समीक्षा बैठक के बाद मुकेश सारवान ने वसई-विरार मनपा के महापौर अजीव पाटील से भी मुलाकात की।
- हालांकि, महापौर ने कर्मचारियों को स्थायी घर दिलाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है, लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब उन्हें कागजी आश्वासनों की नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
