

Vidarbha Marathwada Hailstorm Forecast: महाराष्ट्र में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच मौसम विभाग ने एक डराने वाली चेतावनी जारी की है। आगामी 17 से 20 मार्च 2026 के बीच राज्य के कई हिस्सों में 'आसमान से आफत' बरसने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी चलने का अनुमान है। यह बेमौसम बदलाव न केवल आम जनजीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि खेतों में खड़ी रबी की सुनहरी फसलों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के बाद मौसम की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसमें बिजली गिरने (Lightening) और ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है। जहां एक ओर यह बारिश गर्मी से राहत देगी, वहीं दूसरी ओर यह किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 18 से 20 मार्च के दौरान मौसमी गतिविधियों की तीव्रता अपने चरम पर होगी। विशेष रूप से विदर्भ और मराठवाड़ा के जिलों में ओलावृष्टि की आशंका अधिक है। तेज हवाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो पककर तैयार खड़ी फसलों को जमीन पर बिछा सकती है। प्रशासन ने इस दौरान नागरिकों को ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
वर्तमान में महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में रबी फसलों की कटाई और मड़ाई का काम अंतिम चरण में है। ऐसे में बेमौसम बारिश किसानों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। कृषि विभाग ने 'विशेष एडवाइजरी' जारी करते हुए किसानों से अपील की है कि वे कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या उन्हें प्लास्टिक तिरपाल से ढकने की व्यवस्था करें। अनाज मंडियों में भी खुले में रखे माल को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मौसमी बदलाव का एक उज्ज्वल पक्ष भी है। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के कई शहर 'हीटवेव' जैसी स्थिति का सामना कर रहे थे, जिससे अब राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में 3°C से 5°C तक की गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही, हवा में मौजूद धूल के कणों के बैठने से प्रदूषण का स्तर (AQI) भी सुधरेगा, जिससे शहरों में सांस लेना आसान होगा। हालांकि, किसानों के लिए यह 'राहत' भारी नुकसान का सौदा साबित हो सकती है।