लंबित मांगों पर सरकार से नाराज कर्मचारी, नागपुर यूनिवर्सिटी का आंदोलन तेज; 5वें दिन भी गूंजे विरोध के स्वर
Nagpur University News: नागपुर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का आंदोलन 5वें दिन भी जारी रहा। लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर नारेबाजी और विरोध सभा की।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर विश्वविद्यालय, कर्मचारी आंदोलन, (सोर्स: फोटो नवभारत)
Nagpur University Employee Protest: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार के सामने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध सभा आयोजित की। विश्वविद्यालय संयुक्त कर्मचारी कृति समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को 5वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दूसरे चरण में 20 मई तक धरना और विरोध सभा आयोजित की जा रही है।
महाराष्ट्र के सार्वजनिक नागपुर विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर समय-समय पर शासन स्तर पर निवेदन दिए गए हैं लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है।
वेतन, पेंशन व भर्ती समेत कई मांगों को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 7वें वेतन आयोग के अनुसार 10, 20 और 30 वर्ष बाद मिलने वाली आश्वासित प्रगति योजना को तत्काल लागू करना, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभदेना, वर्ष 2005 से पहले विज्ञापन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंतिम वेतन के आधार पर अवकाश नकदीकरण का लाभ देना तथा रिक्त शिक्षकेत्तर पदों पर भर्ती को मंजूरी देना शामिल है।
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इसके अलावा प्रयोगशाला सहायकों और परिवारों को अवकाश नकदीकरण का लाभ पुनः शुरू करने, लंबित सेवानिवृत्ति मामलों का निपटारा करने, ग्रेड पे 2400 के अनुसार वेतन निर्धारण लागू करने तथा 2013 से भर्ती बंद होने के कारण पदोन्नति अनुपात 50:50 की बजाय 80:20 करने की मांग भी की गई है। इस संबंध में उपकुलपति को ज्ञापन सौंपा गया है।
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आंदोलन में दिनेश दखने, याकूब शेख, चंद्रशेखर शेलके, प्रभाकर धर्मारी, डॉ. चंद्रमणी सहारे, दर्पण गजभिये, धनुसिंह पवार, सचिन जांबुतकर, डॉ. नीता दखणे, दीपा कांबले, स्मिता भोयर आदि ने हिस्सा लिया।
