तुलजापुर भवानी मंदिर में एक और बड़ा घोटाला: देवी की 4,121 एकड़ जमीन निजी हाथों में सौंपने का आरोप, जांच शुरू
Tulja Bhavani Temple: तुलजा भवानी मंदिर को निजाम सरकार द्वारा दान में मिली 4,121 एकड़ जमीन को अवैध रूप से निजी व्यक्तियों के नाम ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
- Written By: रूपम सिंह
तुलजा भवानी मंदिर फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Tulja Bhavani Temple Land Scam: तुलजापुर स्थित प्रसिद्ध मां तुलजा भवानी मंदिर में दान की गई सोने-चांदी की कथित अनियमितताओं के बाद अब मंदिर की जमीन से जुड़े एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन निजाम सरकार द्वारा देवी को दान में दी गई हजारों एकड़ जमीन का बड़ा हिस्सा नियमों के विरुद्ध निजी व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। मामले के सामने आने के बाद राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने धाराशिव के जिला कलेक्टर को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
4,121 एकड़ जमीन पर अवैध हस्तांतरण का आरोप
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन निजाम सरकार ने मां तुलजा भवानी मंदिर को 1,666.14 हेक्टेयर (करीब 4,121 एकड़) भूमि दान में दी थी। आरोप है कि इस जमीन का बड़ा हिस्सा अवैध तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया गया। यह मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
रिकॉर्ड और वास्तविक कब्जे में बड़ा अंतर
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर प्राधिकरण के नाम पर करीब 3,397 एकड़ भूमि दर्ज है, लेकिन वास्तविक कब्जा चार मठों से जुड़े निजी व्यक्तियों के पास बताया जा रहा है। इसके अलावा जगदंबा ट्रस्ट के नाम दर्ज लगभग 403 एकड़ जमीन भी कथित रूप से निजी व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित कर दी गई। आरोप है कि इस प्रक्रिया की जानकारी ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी तक को नहीं दी गई।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में सियासी हलचल: सचिन अहीर के बाद किरण सरनाईक भी देंगे शिंदे गुट को समर्थन; बच्चू कडू का बड़ा बयान
गड़चिरोली में आफत की बारिश: आष्टी-सिरोंचा नेशनल हाईवे पर बहा वैकल्पिक रास्ता, थमा सैकड़ों वाहनों का पहिया
आष्टी तहसील में बारिश का कहर: नरसिंगपुर में बाढ़, किसानों की फसलें तबाह
5.12 लाख की मुफ्त पुस्तकें! गोंदिया में पहले ही दिन बच्चो को मिली किताबे, अन्य अन्य विषयों के लिए इंतजार
जांच के आदेश, सामने आएंगे जिम्मेदार
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने धाराशिव जिला प्रशासन को पूरे प्रकरण की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जमीन का हस्तांतरण किन परिस्थितियों में हुआ, किसके आदेश पर रिकॉर्ड में बदलाव किए गए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: गायिका आशा भोसले के नाम पर शुरू होगा ‘जीवन गौरव पुरस्कार’, मिलेंगे 10 लाख
कानून के तहत नहीं हो सकती खरीद-फरोख्त
मंदिर को दान में मिली इस भूमि को लेकर स्पष्ट कानूनी प्रावधान हैं। नियमों के अनुसार, देवी को दान में मिली इस जमीन की खरीद-बिक्री या निजी हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। इस भूमि पर सामान्य वंशानुगत अधिकार भी लागू नहीं होते। ऐसे में यदि जमीन का हस्तांतरण हुआ है तो यह गंभीर कानूनी उल्लंघन माना जाएगा।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
तुलजा भवानी मंदिर की संपत्तियों को लेकर इससे पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं। सोने-चांदी के दान में कथित गड़बड़ियों के बाद अब हजारों एकड़ जमीन से जुड़े इस नए मामले ने मंदिर प्रशासन और राजस्व व्यवस्था पर गंभी
