

Maharashtra Government Asha Bhosle Jeevan Gaurav Award: महाराष्ट्र सरकार ने संगीत जगत के वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जीवन गौरव पुरस्कार की तर्ज पर अब प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के नाम से भी 'जीवन गौरव पुरस्कार' शुरू किया जाएगा। इसकी घोषणा गुरुवार को विधानसभा में सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने की। सरकार का मानना है कि इस पुरस्कार के माध्यम से संगीत क्षेत्र में लंबे समय तक उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर, यानी आशा भोसले के जन्मदिन के आसपास प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान का उद्देश्य भारतीय संगीत जगत के उन वरिष्ठ कलाकारों के योगदान को पहचान देना है, जिन्होंने दशकों तक गायन और संगीत की दुनिया में अपनी प्रतिभा से अमिट छाप छोड़ी है। सरकार का मानना है कि यह पुरस्कार नई पीढ़ी के कलाकारों को भी प्रेरित करेगा।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत चयनित कलाकार को 10 लाख रुपये की नकद राशि, शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह सम्मान केवल आर्थिक पुरस्कार तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगीत क्षेत्र में जीवनभर की उपलब्धियों और समर्पण का प्रतीक भी बनेगा।
पुरस्कार के लिए पात्रता की शर्तें तय करने और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार संगीत और गायन क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक समिति गठित करेगी। यही समिति पुरस्कार के लिए पात्र कलाकारों का चयन करेगी। सरकार का उद्देश्य है कि सम्मान पूरी निष्पक्षता और योग्यता के आधार पर दिया जाए, ताकि इस पुरस्कार की प्रतिष्ठा बनी रहे।
मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि आशा भोसले भारतीय संगीत की ऐसी महान हस्ती हैं, जिनकी आवाज़ और योगदान ने देश ही नहीं, दुनिया भर में भारतीय संगीत को नई पहचान दिलाई है। उनके नाम पर शुरू किया जा रहा यह जीवन गौरव पुरस्कार संगीत साधकों के लिए सम्मान का नया मंच बनेगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार कला, संस्कृति और संगीत के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए लगातार प्रयासरत है। लता मंगेशकर के नाम पर दिए जाने वाले सम्मान के बाद अब आशा भोसले के नाम से भी यह पुरस्कार शुरू करना राज्य सरकार की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे संगीत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ कलाकारों को सम्मान मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी संगीत के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता का संदेश मिलेगा।