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मुंबई: मुंबई कोस्टल रोड के बाद बीएमसी (BMC) ने अब एक बहुप्रतीक्षित दहिसर पश्चिम से मीरा-भायंदर को जोड़ने वाले एलिवेटेड रोड (Elevated Road) निर्माण के लिए निविदा जारी की है। एलिवेटेड रोड के बन जाने से पश्चिमी उपनगर से मुंबई आने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। इस परियोजना के निर्माण पर 3,186 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। मुंबई में कोस्टल रोड (Mumbai Coastal Road) का काम अंतिम चरण में है। वर्तमान में दहिसर चेक नाका (Dahisar Check Naka) से 5 किमी की यात्रा करने में 30 मिनट का समय जाता है। एलिवेटेड रोड बना जाने से यह दूरी केवल कुछ मिनटों में पूरी की जा सकती है। इससे दहिसर चेक नाका पर लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा।
मैंग्रोव क्षेत्र से गुजरने के कारण इस एलिवेटेड रोड के लिए सीआरजेड, वन विभाग का अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड, एमएमआरडीए, मीरा-भायंदर महानगरपालिका और साल्ट विभाग की भी पूर्व स्वीकृति लेना आवश्यक है।
वर्तमान में भायंदर से मुंबई आने के लिए केवल दो मार्ग हैं। पश्चिम एक्सप्रेस हाइवे और पश्चिम रेलवे से मुंबई के लिए आवागमन होता है। मीरा-भायंदर शहर तेजी से बढ़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, मीरा-भायंदर की आबादी करीब से रोजाना 10 लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। बीएमसी द्वारा दहिसर और मीरा-भायंदर को जोड़ने वाला तटीय शहर के उत्तरी हिस्से के पूरा होने के साथ दहिसर चेक नाका पर होने वाले ट्रैफिक जाम अतीत की बात हो जाएगी। इससे रोड पर 70 प्रतिशत भीड़ कम हो जाएगी।
बीएमसी ब्रिज विभाग के अधिकारी ने बताया कि एलिवेटेड रोड के जमीन अधिग्रहण पर 1600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ब्रिज बनाने पर भी इतनी ही लागत आएगी। इन दोनों को मिला कर परियोजना पर 3,186 करोड़ का खर्च आएगा। कोस्टल रोड के निर्माण के लिए एमएमआरडीए सैद्धांतिक रुप से बीएमसी को सौंपने को तैयार हो गया है।
परियोजना के बीच रिक्त स्थान का कुशलतापूर्वक उपयोग करने के लिए बहुस्तरीय सात मंजिला मैकेनाइज्ड पार्किंग स्थल, बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन के साथ मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने के लिए बेसमेंट प्रस्तावित है। यात्रियों के लिए 550 पार्किंग स्पेस उपलब्ध होंगे।