Aaditya Thackeray Rahul Narwekar Alibag (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

आदित्य ठाकरे का राहुल नार्वेकर पर बड़ा हमला: 'अलीबाग में लड़ सकते हैं, पर विधानसभा नहीं संभाल पा रहे अध्यक्ष'

Aaditya Thackeray On Rahul Narwekar: आदित्य ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधा। अलीबाग विवाद और LoP पद की नियुक्ति में देरी को लेकर सरकार और अध्यक्ष को घेरा।

अनिल सिंह

Shiv Sena UBT vs BJP: महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में 'विपक्ष के नेता' (LoP) का पद खाली होने और हाल ही में अलीबाग में हुए एक विवाद का जिक्र करते हुए राहुल नार्वेकर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी बहुमत होने के बावजूद सरकार और विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बातचीत करते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी और उसके सहयोगियों के मन में विपक्ष के नेता को लेकर इतना डर क्यों है? उन्होंने कहा कि पिछले दो सत्रों से विपक्ष लगातार इस पद की मांग कर रहा है, लेकिन इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्हें व्यक्तिगत विवादों में शामिल होने के बजाय सदन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी।

विपक्ष के नेता पद पर देरी और सरकार का 'डर'

आदित्य ठाकरे ने सदन में संख्या बल का हवाला देते हुए कहा कि जब सरकार के पास इतना बड़ा बहुमत है, तो वे विपक्ष के नेता की नियुक्ति से क्यों घबरा रहे हैं? उन्होंने कहा, "बीजेपी के मन में इतना डर क्यों है? हम पिछले दो सत्रों से LoP पद की मांग कर रहे हैं, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है।" ठाकरे का मानना है कि संवैधानिक पदों को खाली रखकर सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है, जो लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।

राहुल नार्वेकर और अलीबाग विवाद का कनेक्शन

आदित्य ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर सीधा प्रहार करते हुए उनके हालिया अलीबाग दौरे का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर अलीबाग में जाकर लड़ाई-झगड़ा भड़का सकते हैं, लेकिन विधानसभा के भीतर एक छोटा सा विवाद नहीं सुलझा सकते।" यह बयान अलीबाग में हुए उस कथित विवाद की ओर इशारा है जिसमें नार्वेकर के शामिल होने की खबरें आई थीं। ठाकरे ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष का ध्यान सदन की कार्यवाही के बजाय बाहरी विवादों पर अधिक है।

लोकतांत्रिक मर्यादा और विपक्ष की भूमिका

शिवसेना (UBT) नेता ने जोर देकर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सदन की परंपराओं का पालन करना अध्यक्ष की जिम्मेदारी है, न कि किसी विशेष दल के हितों की रक्षा करना। एमवीए (MVA) के अन्य नेताओं ने भी आदित्य ठाकरे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि यदि विपक्ष के नेता की नियुक्ति जल्द नहीं की गई, तो वे सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं।

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