ठाणे जिला परिषद की पहल: पशुपालकों के लिए नई योजना लागू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव का मार्गदर्शन

Thane Zilla Parishad Animal Husbandry Scheme: जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव के मार्गदर्शन में जिले में पशुपालकों के लिए विशेष योजना लागू की गई है।
thane dairy farm
पशु संवर्धन विभाग(सोर्स: AI इमेज)
Published on: 
Updated on: 

Dairy Development Thane: पशुपालकों के पशुधन को बीमारी, दुर्घटना, विषाक्तता और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली मृत्यु से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत पशुधन बीमा योजना लागू की गई है। योजना के तहत पशुपालकों को बीमा प्रीमियम पर 85 प्रतिशत सरकारी अनुदान दिया जाएगा।

ठाणे जिले में पशुपालकों के लिए योजना लागू

जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव के मार्गदर्शन में जिले में इस योजना को लागू किया जा रहा है। जिला उपआयुक्त पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय डॉ. ज्योति परदेशी ने ठाणे जिले के पशुपालकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

पशुपालक को देना होगा केवल 15 प्रतिशत हिस्सा

योजना के तहत बीमा प्रीमियम की 85 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में वहन की जाएगी। पशुपालक को केवल 15 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा।

एक परिवार के अधिकतम 10 पशुओं के लिए इस सरकारी अनुदान का लाभ लिया जा सकता है। सरकार की इस योजना से पशुधन की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पशुपालकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।

अलग-अलग पशुओं के लिए बीमा राशि निर्धारित

योजना के तहत पशुओं के लिए अधिकतम बीमा संरक्षण राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है। दुधारू गाय और बैल: अधिकतम 90 हजार रुपये प्रति पशु,दुधारू भैंस अधिकतम 80 हजार रुपये प्रति पशु, बकरी और भेड़: अधिकतम 7 हजार रुपये प्रति पशु निर्धारित किया गया है।

‘नो टैग, नो क्लेम’

बीमा कराने के लिए पशु का भारत पशुधन प्रणाली पर 12 अंकों वाले ईयर टैग के साथ पंजीकरण अनिवार्य है। योजना में ‘नो टैग, नो क्लेम’ नियम लागू रहेगा।

90 हजार रुपये की बीमा राशि वाली गाय के लिए कितना प्रीमियम?

90 हजार रुपये के बीमा मूल्य वाली संकर गाय के लिए एक वर्ष का कुल बीमा प्रीमियम 3,090 रुपये है। इसमें पशुपालक को 15 प्रतिशत के हिसाब से 463.50 रुपये का भुगतान करना होगा।इसी तरह दो वर्ष की बीमा अवधि के लिए पशुपालक का हिस्सा 878.40 रुपये, जबकि तीन वर्ष की अवधि के लिए 1,102.40 रुपये रहेगा।

पशु की मृत्यु होने पर 24 घंटे में देनी होगी सूचना

बीमित पशु की मृत्यु होने की स्थिति में पशुपालक को 24 घंटे के भीतर पंजीकरण कर बीमा कंपनी को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज और पोस्टमार्टम/शवविच्छेदन रिपोर्ट जमा करनी होगी।

दावा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर बीमा राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में जमा किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।पशुपालकों से योजना का लाभ लेने की अपील की गई है।