

Kalyan Phata Junction: ठाणे के शील गांव में पुराने एनएच-4 पर कल्याण फाटा जंक्शन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण में आ रही अड़चनें दूर हो गई हैं।
महाराष्ट्र सरकार के वन विभाग ने इस परियोजना के लिए 0.5496 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि डायवर्ट करने का आदेश जारी किया है। यह फ्लाईओवर एमएमआरडीए द्वारा बनाया जाना है।
कल्याण फाटा जंक्शन पर फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 0.5496 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्ट करने का प्रस्ताव नागपुर स्थित अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व नोडल अधिकारी ने राज्य सरकार को भेजा था।
इसके बाद राज्य सरकार ने प्रस्ताव को केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नागपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के पास मंजूरी के लिए भेजा।
केंद्र सरकार ने 10 सितंबर 2024 को इस परियोजना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके बाद निर्धारित शर्तों का अनुपालन किए जाने की जानकारी केंद्र सरकार को दी गई।
अनुपालन के बाद क्षेत्रीय कार्यालय ने 8 सितंबर 2025 को 0.5496 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि के डायवर्जन को अंतिम मंजूरी प्रदान की।
इसके बाद राज्य सरकार ने अब औपचारिक डायवर्जन आदेश जारी किया है। परियोजना क्षेत्र में निर्धारित गतिविधियों की निगरानी और वैधानिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए स्थानीय वन अधिकारियों को बिना किसी बाधा के प्रवेश देना
एमएमआरडीए के लिए अनिवार्य होगा। यदि उपयोगकर्ता एजेंसी वन अधिकारियों के स्वतंत्र प्रवेश को रोकती है या किसी तरह की बाधा उत्पन्न करती है, तो गैर-वन उपयोग के लिए दी गई वन भूमि डायवर्जन की अनुमति वापस ली जा सकती है।
डायवर्ट की जाने वाली वन भूमि ठाणे जिले के शील गांव में स्थित है। इसमें सर्वे नंबर 72 की 0.4320 हेक्टेयर, सर्वे नंबर 100 की 0.0367 हेक्टेयर और सर्वे नंबर 102 की 0.0809 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इन तीनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 0.5496 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि फ्लाईओवर के निर्माण के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
संबंधित अफसरों को आदेश की प्रतियां संबंधित स्थानीय निकायों और पंचायतों को भेजने का निर्देश दिया गया है।
संबंधित कार्यालयों और स्थानीय निकायों को आम जनता की जानकारी के लिए यह आदेश अपने नोटिस बोर्ड पर आदेश प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों तक प्रदर्शित करना होगा।