कचरा निपटान परियोजना के चलते उल्हासनगर की दुर्गंध होगी दूर, बदलापुर में महापौर और विधायक ने किया निरीक्षण
Badlapur News: उल्हासनगर की महापौर और विधायक ने बदलापुर के वालिवली में निर्माणाधीन एकात्मिक घनकचरा परियोजना का निरीक्षण किया। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से हमेशा के लिया छुटकारा मिल जाएगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Walivali Badlapur (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Waste Management Project: उल्हासनगर मनपा के कैंप क्रमांक 5 स्थित डंपिंग ग्राउंड के चलते फैलने वाली दुर्गंध कचरे के बढ़ते ढेर से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और नागरिकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय मनपा ने इसके निदान की कोशिशे तेज कर दी है। इसी पहल के मद्देनजर उल्हासनगर की महापौर अश्विनी कमलेश निकम, विधायक कुमार आयलानी, उप महापौर अमर लुंड और विभिन्न दलों के पार्षदों ने मंगलवार को बदलापूर स्थित वालिवली परिसर में निर्माणाधीन राज्य सरकार के एकात्मिक घनकचरा परियोजना की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने उल्हासनगर के डंपिंग ग्राउंड की समस्या से हमेशा के लिया छुटकारा मिल जाएगा। कल्याण संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है तथा दो नगरपालिका तथा एक महानगर पालिका से निकलने वाले कचरे का संयुक्त रूप से प्रक्रिया करने का राज्य का यह पहला प्रकल्प है।
राज्य सरकार की एकात्मिक घनकचरा परियोजना
हाल ही में संपन्न मनपा की आमसभा में भाजपा के पार्षदों द्वारा मनपा की आम सभा में डंपिंग ग्राउंड को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर किए गए धरने के मद्देनजर इस दौरे का विशेष महत्व है। बदलापुर (पूर्व) के वालिवली क्षेत्र में 23 एकड़ भूमि पर लगभग 148 करोड़ रुपए की लागत से बन रही यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यहां बदलापुर, अंबरनाथ और उल्हासनगर तीनों शहरों से प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
बुद्ध पूर्णिमा पर वन्यजीवों को करीब से निहारेंगे पर्यटक, मेलघाट में 261 मचान तैयार, वनविभाग की तैयारियां पूर्
जुन्नर में मातम: खेत के गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत, बल्लालवाड़ी इलाके में पसरा सन्नाटा
म्हाडा घोटाला: नगर नियोजन विभाग का बिल्डरों पर हंटर, 168 लोगों की सुनवाई के बाद बड़ी कार्रवाई
नासिक शहर के वाडिया अस्पताल के पास वाली गली खोलने की मांग, मराठा महासंघ और व्यापारियों ने प्रशासन को घेरा
खाद और सूखे कचरे से ईंधन का उत्पादन
इस परियोजना में गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही प्लास्टिक, कांच, कपड़ा और निर्माण कचरे के पुनर्चक्रण के लिए अत्याधुनिक प्रणाली स्थापित की गई है। इस परियोजना से कुल कचरे का 55 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाएगा, जबकि शेष 45 प्रतिशत का उपयोग उर्वरक उत्पादन में किया जाएगा, जिससे कचरा डंपिंग स्थलों की समस्या का हमेशा के लिए समाधान करने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़े: रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए 3 माह का वक्त, 15 अगस्त तक नहीं होगी कोई कार्रवाई
अंबरनाथ-उल्हासनगर क्षेत्र के नागरिकों को दुर्गंध से राहत
निरीक्षण दौरे के दौरान, कंपनी के अधिकारियों ने अपशिष्ट प्रसंस्करण विधि के बारे में जानकारी दी और बताया कि परियोजना के मुख्य शेड का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना में मशीनरी लगाने का काम मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही यह क्लस्टर परियोजना प्रदूषण को नियंत्रण में लाएगी और अंबरनाथ-उल्हासनगर क्षेत्र के नागरिकों को दुर्गंध से राहत मिलेगी।
इस दौरे के दौरान स्थायी समिति के अध्यक्ष कुलवंत सिंह सोहता, विपक्ष की नेता अंजली सालवे, स्वास्थ्य समिति सभापति सविता तोरने-रागड़े, शिवसेना के महानगर प्रमुख राजेंद्र चौधरी, भाजपा समूह नेता राजेश वधारिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति मनपा के अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।
