Mumbra रेल हादसा केस में इंजीनियरों की मुश्किलें बढ़ीं, दूसरी FIR की आशंका
Mumbra Rail Accident के बाद दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने के आंदोलन से मामला उलझ गया है। सीएसएमटी पर प्रदर्शन के दौरान दो यात्रियों की मौत हो गई है। अब आंदोलनकारियों पर दूसरी FIR दर्ज की जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
सीएसएमटी स्टेशन (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbra Train Accident: ठाणे के मुंब्रा में जून के रेल हादसे के बाद दो मध्य रेलवे के इंजीनियरों पर, लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस केस की प्राथमिकी को रद्द करने को लेकर रेल कर्मचारियों ने कथित तौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन पर अवैध तरीके से आंदोलन किया था।
लेकिन इस आंदोलन ने न सिर्फ सवालों के घेरे में आकर विवाद खड़ा कर दिया, बल्कि दोनों आरोपी इंजीनियरों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। इस स्थिति पर प्रसिद्ध मुहावरा इसिर मुढ़ाते ही ओले पड़ेश पूरी तरह सटीक बैठता है।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
NEET पेपर लीक आरोपियों के घर कब चलेगा बुलडोजर? पूर्व विधायक आसिफ शेख का BJP से कड़वा सवाल
पुणे रिंग रोड के लिए 14 गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रस्तावित, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में वाहनों का बढ़ता काफिला विवादों में, ‘साइकिल डे’ योजना भी ठंडी पड़ी
क्योंकि आंदोलन का मुख्य मकसद दोनों आरोपियों पर दर्ज प्राथमिकी को अवैध बताते हुए उसे रद्द करवाना था। लेकिन आंदोलन के दौरान एक लड़की सहित दो यात्रियों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल होने से इनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
आरोपी इंजीनियरों पर हो सकती है एक और FIR
जीआरपी के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन दो आरोपी इंजीनियरों के साथ-साथ आंदोलनकारियों के खिलाफ भी जांच के बाद दूसरी एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसके लिए रेलवे पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है।
गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) की ठाणे यूनिट द्वारा दर्ज की गई शिकायत में कहा गया है कि सहायक मंडल इंजीनियर विशाल डोलास और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव की लापरवाही से मुंब्रा में हादसा हुआ था। जिसमें एक जीआरपी कांस्टेबल सहित 5 यात्रियों की मौत हुई थी।
आंदोलनकारियों को प्रदर्शन की परमिशन किसने दी ?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल का पंचनामा किया गया है। जहां आंदोलन हुआ था, वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन करने के लिए परमिशन लिया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
क्योंकि पीक ऑवर्स के समय रेलवे स्टेशन (मोटर मैन लॉबी) के सामने आंदोलन करने से ट्रेन संचालन में देरी से यात्री पैनिक हो गए थे, जिन्हें समय पर अपनी मंजिल पर पहुंचना था। घटनास्थल के गवाहों और चायली के बयान दर्ज करने के बाद जल्द एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ये भी पढ़ें :- Mira Bhayandar: नागरिकों की मांग पर बॉब कट मशीन दोबारा शुरू, बीच होगा और स्वच्छ
मुंब्रा लोकल हादसे का क्या था कारण
- ठाणे एफआईआर के अनुसार, रेलवे ट्रैक का रखरखाव कार्य सहायक मंडल इंजीनियर विशाल डोलास और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव की जिम्मेदारी थी। समय-समय पर हुई बारिश के कारण नाला चोक हो गया और मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पानी से भर गया था। इससे ट्रैक के नीचे की बजरी बाहर आ गई, जमीन धंस गई और प्लेटफार्म नंबर 4 घंस गया।
- यह जानते हुए भी कि उक्त रखरखाव कार्य नहीं करने के कारण दोनों लोकल ट्रेनें एक-दूसरे के करीब आ सकती हैं। तथा दुर्घटना और जान-माल की हानि हो सकती है, उक्त रेलवे रखरखाव का काम समय पर पूरा नहीं किया गया। इसी वजह से मुवा रेलवे स्टेशन पर ट्रैक मेंटेनेंस के अभाव में ट्रैक में गड़बड़ी हुई और गति सीमा की बजाय गति अधिक रखे जाने के कारण ट्रेनें एक-दूसरे के करीब आ गई तथा दुर्घटना का कारण बनीं थी।
