Municipal land controversy: 9 साल बाद ट्रस्ट को मिली करोड़ों की जमीन, सिटीजन फाउंडेशन की जीत
Thane के वर्तकनगर में सैकड़ों करोड़ की ट्रस्ट भूमि को अवैध रूप से मनपा को सौंपे जाने का मामला उजागर हुआ है। ठाणे सिटिजन्स फाउंडेशन की 9 साल की लड़ाई के बाद जमीन ट्रस्ट को वापस मिल गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Thane Trust Land Dispute: शहर के वर्तकनगर इलाके में स्थित जॉन द बैप्टिस्ट ट्रस्ट (टीएसएफ) की सैकड़ों करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है।
न्याय, पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों के लिए कार्यरत संस्था ठाणे सिटिजन्स फाउंडेशन की पहल पर यह जमीन ट्रस्ट को वापस मिल गई है। ठाणे सिटिजन्स फाउंडेशन के अध्यक्ष कॅस्बर ऑगस्टीन ने बताया कि इस जमीन को वापस पाने के लिए करीब 9 वर्षों तक लगातार कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि न्याय और नागरिक अधिकारों की थी।
2017 में हुआ था अवैध हस्तांतरण
मामले की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब एक बिल्डर ने सर्वे नंबरों में मौजूद गंभीर विसंगतियों को दूर किए बिना ही 20,570 वर्ग मीटर भूमि को अवैध रूप से ठाणे महानगरपालिका के नाम पर हस्तांतरित कर दिया। बाद में ठाणे मनपा ने अपने दावे को घटाकर केवल 10,130.49 वर्ग मीटर भूमि तक सीमित बताया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
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भूमि बिक्री में भी सामने आई अनियमितता
चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मनपा के नाम अवैध रूप से ट्रांसफर की गई कुल भूमि में से लगभग 900 वर्ग मीटर जमीन को बिल्डर ने बिना किसी अधिकार, अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के दूसरे बिल्डर को बेच दिया। इससे पूरे मामले में धोखाधड़ी और प्रक्रियागत खामियां उजागर हुईं।
स्कूल और चर्च की जमीन भी हुई प्रभावित
ट्रस्ट की अतिरिक्त भूमि के गलत हस्तांतरण के कारण लिटिल फ्लावर हाई स्कूल और आवर लेडी ऑफ मर्सी चर्च के पैरिशनर्स के लिए आरक्षित जमीन भी प्रभावित हुई थी। इस कारण स्थानीय नागरिकों और धार्मिक समुदाय में नाराजगी फैल गई थी।
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नागरिक संगठनों की बड़ी जीत
आखिरकार ठाणे सिटिजन्स फाउंडेशन की लगातार कोशिशों के चलते यह जमीन ट्रस्ट को वापस मिल गई। इसे नागरिक अधिकारों, पारदर्शिता और जनहित की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
