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ठाणे जिले के उल्हासनगर में सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गजवानी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने अधिकारियों के मुताबिक, घटना के 12 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गजवानी ने 27 सितंबर को X पर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी।
Ulhasnagar Crime News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में गुटखा की अवैध बिक्री और जुए की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गजवानी (50) की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
गजवानी ने 27 सितंबर को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था।
उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गुटखा कारोबार और रमी क्लब जैसी अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे को भी टैग किया था।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर के पास अज्ञात हमलावरों ने गजवानी की गोली मारकर हत्या कर दी। उनके सिर में दो गोलियां लगी थीं। ठाणे पुलिस को शुरुआत में पुरानी रंजिश के कारण हत्या किए जाने का संदेह था।
पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक और गिरफ्तार आरोपियों में से एक अविनाश नायडू के बीच पुरानी दुश्मनी सामने आई है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, गजवानी वर्ष 2021 के एक हत्या मामले में आरोपी थे। उन पर नायडू पर हमला करने और उसकी हत्या की कोशिश करने का भी आरोप था।
पुलिस का कहना है कि समय के साथ दोनों के बीच विवाद कम हो गया था, लेकिन नायडू की रंजिश बरकरार रही और उसने कथित तौर पर गजवानी की हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने बताया कि गजवानी उल्हासनगर में अवैध गतिविधियों से जुड़े मुद्दे अक्सर उठाते थे। इससे कथित तौर पर इन गतिविधियों में शामिल लोगों में नाराजगी थी।
विट्ठलवाड़ी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।