Thane Sewage Water Project बना ‘सफेद हाथी’, हर साल 10 करोड़ खर्च पर भी नहीं हो रही कमाई
Thane Sewage Water Project उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। करोड़ों खर्च के बावजूद कम क्षमता पर चल रहे इस प्लांट को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप तेज हो गए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
ठाणे सीवेज जल परियोजना विफलता (सौ. सोशल मीडिया )
Thane Sewage Water Project Failure: सीवरेज से साफ पानी बनाने वाला ठाणे पूर्व कोपरी स्थित सीवरेज वाटर प्रोजेक्ट सफेद हाथी साबित हो रहा है।
ठाणे महानगरपालिका को इस प्रोजेक्ट से एक भी रुपये की आमदनी नहीं हो रही है। जबकि ठेकेदार को हर साल 10 करोड़ रुपए देने पड़ रहे हैं।शनिवार को विधायक संजय केलकर एवं निरंजन डावखरे ने प्रोजेक्ट का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान विधायक संजय केलकर ने आरोप लगाया है कि मनपा अधिकारियों की लापरवाही एवं ठेका लेने वाली कंपनी के भ्रष्टाचार की वजह से ठाणे के लोगों के टैक्स का पैसा लूटा जा रहा है। ठाणे मनपा ने ठाणे पूर्व में कन्हैया नगर के पास पीपीपी पद्धति पर एक सीवेज प्रोजेक्ट का निर्माण किया है।
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सरकार ने लगाया है 90 करोड़ रुपये का जुर्माना
विधायक संजय केलकर ने आरोप लगाया कि यह ठाणेकरों के टैक्स के पैसे की लूट है। इस अवसर पर स्थानीय नगरसेवक भरत चव्हाण, भाजयुमो के ओमकार चव्हाण सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक केलकर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में करप्शन और गड़बड़ियां है और मनपा की तरफ से लापरवाही माफ करने लायक नहीं है।
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90 करोड़ का जुर्माना
इस मामले में केंद्र सरकार ने 90 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जबकि ठेकेदार कंपनी लिए गए लोन पर 9 करोड़ रुपये का ब्याज देने से बच रही है। ठेकेदार और मनपा एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे है। 120 एमएलडी कैपेसिटी वाले इस प्रोजेक्ट से सिर्फ 5 एमएलडी पानी ही साफ हो रहा है, इसलिए कॉन्ट्रैक्टर की कैपेसिटी पर संदेह जायज है।
