ठाणे में सड़क निर्माण पर घमासान, संजय केलकर ने VJTI ऑडिट और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की
Thane Road Project Quality: 55 करोड़ रुपये की लागत से बन रही कंक्रीट सड़कों की गुणवत्ता पर भाजपा विधायक संजय केलकर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वतंत्र ऑडिट और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
- Written By: अपूर्वा नायक
विधायक संजय केलकर (सोर्स: सोशल मीडिया) (फाइल फोटो )
Thane Road Project Quality Issues News: भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को लेकर ठाणे महानगर पालिका भाजपा विधायक संजय केलकर के निशाने पर है। केलकर ने शहर के बालकुम, ढोकाली, दोस्ती जैसे अन्य इलाकों में 55 करोड़ के प्रस्तावित कंक्रीट सड़क के काम की पोल खोल दी है।
उन्होंने सड़क पर जेसीबी चलवाकर सड़कों की खराब गुणवत्ता को उजागर किया। साथ ही नाला सफई में की जा रही हाथ सफाई पर भी नाराजगी जतायी है। उन्होंने सडकों का वीजेटीआई से ऑडिट कराने एवं नाला सफाई के ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की मांग मनपा प्रशासन से की है।
600 करोड़ रुपये बगैर ब्याज का कर्ज
ठाणे मनपा ने केंद्र सरकार से 600 करोड़ रुपये बगैर ब्याज का कर्ज लिया है। इसी निधि में से 55 करोड़ रुपये की लागत से बालकूम, ढोकली, दोस्ती सहित इलाकों में चार कंक्रीट सड़कों के काम किए जा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे में बोले RSS प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, जनसंख्या नियंत्रण से ज्यादा देश में संतुलन जरूरी, सबका DNA एक
RTE एडमिशन के नए ‘दूरी नियमों’ पर कानूनी रार! नागपुर हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस का सत्ता संघर्ष, सुरेंद्र अडबाले बने नए गुट नेता
पुणे विश्वविद्यालय मेस में कीड़े मिलने पर FDA का कड़ा एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस तत्काल रद्द
ये भी पढ़ें :- यूबीटी सांसदों के संभावित दल-बदल पर अंजली दमानिया का सवाल, ‘क्या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल है?’
निरीक्षण के दौरान मिलीं कई खामियां
- बालकुम-कोलशेत रोड, दोस्ती वेस्ट काउंटी कॉम्प्लेक्स से लोढ़ा अमारा कॉम्प्लेक्स प्रवेश द्वार क्रमांक 4, बालकूम दादलानी रोड, अयप्पा मंदिर के सामने दादलानी रोड से आइलैंड हेवन सोसायटी तक की सड़क, बालकूम रुनवाल गार्डन सिटी रोड और बालकूम नाका से बालकूम पाड़ा नंबर 3 से गणपति विसर्जन घाट तक, नया अंडरग्राउंड फुटपाथ सहित अन्य कामों का विधायक संजय केलकर ने निरीक्षण किया।
- इन सड़कों का निरीक्षण करते समय कई गलतियां पाई गई। जानकारी मिली कि सड़को के किनारे फुटपाथ और नालियों का काम वर्क ऑर्डर के हिसाब से नहीं किया गया था। केलकर ने आशंका जतायी कि खराब गुणवत्ता के काम की वजह से करोड़ों रुपये पानी में बह जाएंगे और उन्होंने मांग की कि सड़कों के काम का ऑडिट वीजेटीआई से कराया जाए।
