नागपुर में महिंद्रा का 15 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का रास्ता साफ! MIDC देगी 800 एकड़ जमीन; JSW का निवेश टला
Mahindra Land Deal: MIDC ने JSW के लिए आरक्षित 300 एकड़ जमीन Mahindra को देने का फैसला किया है। इससे कंपनी के पास कुल 800 एकड़ जमीन होगी और 15 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू निवेश (सोर्स- AI जनरेटेड)
Mahindra 800 Acre Land: महिंद्रा एंड महिंद्रा को जमीन देने में स्थानीय प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जेएसडब्ल्यू के लिए आरक्षित 300 एकड़ भूमि महिंद्रा एंड महिंद्रा को देने का निर्णय महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) ने किया है। इससे महिंद्रा की ‘गाड़ी’ आगे बढ़ जाएगी। एमआईडीसी महिंद्रा को पहले 500 एकड़ और अब 300 एकड़ जमीन दे रही है।
इससे महिंद्रा के पास 800 एकड़ जमीन हो जाएगी जो कंपनी आरंभकरने के लिए पर्याप्त होगी। एक बुरी खबर भी है। जेएसडब्ल्यू ने कुछ समय के लिए निवेश प्रस्ताव को टाल दिया है। जेएसडब्ल्यू 25,000 करोड़ रुपये निवेश करने वाली थी लेकिन वर्तमान में इस प्रस्ताव पर ब्रेक लगा दिया गया है। यही कारण है कि एमआईडीसी ने महिंद्रा को प्राथमिकता दी और इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
महिंद्रा को 800 एकड़ जमीन, JSW की जमीन भी मिलेगी
महिंद्रा ने 1500 एकड़ जमीन की मांग कंपनी ने की थी लेकिन हाई टेंशन लाइन और किसानों की मांग ने प्रशासन को सकते में डाल दिया था। अब एक अच्छी खबर है। महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) ने महिंद्रा को कम से कम 800 एकड़ जमीन की पेशकश कर दी है। एमआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि 500 एकड़ जमीन से लगकर ही 300 एकड़ जमीन जेएसडब्ल्यू के लिए आरक्षित थी।
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जेएसडब्ल्यू ने इसके लिए भुगतान भी कर दिया था लेकिन ऐन वक्त पर कंपनी ने प्लांट डालने की योजना को ‘धीमा’ कर दिया। इसलिए जेएसडब्ल्यू को दी गई जमीन अब महिंद्रा को देने का निर्णय लिया गया है ताकि जो कंपनी पहले निवेश करना चाहती है उसे प्राथमिकता दी जा सके।
जेएसडब्ल्यू को जब भी जरूरत होगी तब एमआईडीसी जमीन उपलब्ध करा देगी। महिंद्रा का यह प्रोजेक्ट 15,000 करोड़ रुपये का है जबकि जेएसडब्ल्यू नागपुर में 25,000 करोड़ निवेश करने जा रही थी। जेएसडब्ल्यू के प्लान में कुछ बदलाव हुआ है और उसी के कारण एमआईडीसी को यह निर्णय लेना पड़ा।
नवंबर तक देंगे 1500 एकड़ जमीन
एमआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त बुटीबोरी से लगकर ही जमीन अधिग्रहण का काम जारी है। जैसे ही अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो जाता है, महिंद्रा को और लगने वाली कुल 1500 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
उनका कहना है कि वैसे भी कोई भी कपनी एक बार में पूरे के पूरे परिसर में निर्माण कार्य शुरू नहीं करती है। महिंद्रा भी एक साथ संपूर्ण भूमि का उपयोग नहीं करेगी, 800 एकड़ में कंपनी का आरंभिक कार्य अच्छे तरीके से शुरू हो सकता है।
3000 एकड़ जमीन का हो रहा अधिग्रहण
3000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण का काम जारी है, अधिग्रहण कार्य अक्टूबर-नवंबर तक हो जाने की संभावना है। जिला प्रशासन इसके लिए कार्य कर रहा है। इसलिए भविष्य में आने वाले बड़े निवेश के लिए दिक्कत होने की संभावना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि 3000 एकड़ और जमीन मिल जाने के बाद अतिरिक्त बुटीबोरी में जमीन की कमी नहीं होगी। आने वाले नए निवेशकों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध रहेगी। वैसे भी पूर्व में हुए एमओयू वाली अधिकांश इच्छुक कंपनियों को जमीन का आवंटन कर दिया गया है। कई के काम शुरू हो चुके हैं।
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रिलायंस इंफ्रा का इरादा भी टला
रिलायंस इंफ्रा ने 20,000 करोड़ निवेश करने की योजना बनाई थी, इसके लिए कंपनी की ओर से एमओयू भी किया गया था, लेकिन कंपनी अब तक अपनी ओर से जमीन के लिए अर्जी नहीं दी है।
कंपनी को भी 1500 एकड़ जमीन की जरूरत थी, लेकिन अर्जी नहीं आने से एमआईडीसी वर्तमान में इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। हालांकि एमओयू के संबंध में अब तक कंपनी की ओर से कोई जानकारी भी साझा नहीं की गई है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से नीरज नंदन की रिपोर्ट
