

Thane Municipal Corporation Tender Dispute: ठाणे मनपा में टेंडर प्रक्रिया को लेकर नगरसेवक और कार्यकारी अभियंता के बीच शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक कामकाज तक पहुंच गया है। कार्यकारी अभियंता रणधीर राणे को नगरसेवक राजेंद्र फाटक द्वारा कथित तौर पर ‘चोर’ और ‘भ्रष्ट अधिकारी’ कहे जाने के विरोध में मंगलवार को बजे अधिकारी और कर्मचारियों ने लेखनी बंद आंदोलन शुरू कर दिया।
रणधीर राणे ठाणे मनपा के वर्तकनगर प्रभाग समिति के सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यकारी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। कुछ दिन पहले टेंडर प्रक्रिया को लेकर राणे और शिवसेना के नगरसेवक राजेंद्र फाटक के बीच तीखा विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि महानगरपालिका की आमसभा में टेंडर का विरोध किए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से टेंडर खोले जाने से फाटक नाराज थे। वैसे ठाणे मनपा में टेंडर वार नई बात नहीं है।
टेंडर को लेकर पदाधिकारियों और अधिकारियों में टकराव होता रहा है। नगरसेवक फाटक ने नगर अभियंता और कार्यकारी अभियंता रणधीर राणे पर टेंडर प्रक्रिया में कथित ‘मैच फिक्सिंग’ और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी की थी। कुछ टेंडरों के संबंध में कथित तौर पर पांच प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया गया, जिससे पालिका प्रशासन में हलचल मच गई।
हालांकि, कार्यकारी अभियंता रणधीर राणे ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने नियमों के अनुसार ही काम किया है। अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि द्वारा कार्यालय में आकर अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ‘चोर’ और ‘भ्रष्ट अधिकारी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से अधिकारी-कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।
इसी के विरोध में मंगलवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग समेत महानगरपालिका के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लेखनी बंद आंदोलन में शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने महापौर शर्मिला पिंपलोलकर से मुलाकात कर उन्हें अपना निवेदन सौंपा। इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव को भी निवेदन दिए जाने की जानकारी है। अधिकारी-कर्मचारियों ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात कर अपनी भूमिका रखने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि नगरसेवकों द्वारा अधिकारियों का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।