ठाणे की मेयर शर्मिला गायकवाड़, डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Mayor Sharmila Pimpolkar Gaikwad: मंगलवार को ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर और डिप्टी मेयर का निर्विरोध चुनाव किया गया। मनपा के डॉ आंबेडकर सभागार में हुई विशेष सभा में मेयर पद पर शिवसेना की शर्मिला पिम्पोलकर- गायकवाड़ जबकि डिप्टी मेयर के लिए बीजेपी के कृष्णा पाटिल के नाम की घोषणा प्रेसाइडिंग ऑफिसर एवं कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्णनाथ पांचाल ने की। मेयर व डिप्टी मेयर के लिए विरोधी पक्ष द्वारा कोई नामांकन न होने से ठाणे मनपा में महायुति के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। ठाणे मनपा के आयुक्त सौरभ राव एवं सचिव मनीष जोशी ने मेयर एवं डिप्टी मेयर को तुलसी का पौधा देकर उनका स्वागत किया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ कहे जाने वाले ठाणे में में पिछली 15 जनवरी को हुए मनपा चुनाव में शिवसेना ने 131 में से 75 सीटें जीतकर भारी बहुमत प्राप्त किया था। ठाणे का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित न होने के बावजूद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शर्मिला पिम्पोलकर को मेयर बनाया है। इसका असर भी दिखाई दिया। शर्मिला मेयर तो घोषित हो गईं किंतु उन्होंने महापौर कार्यालय की कुर्सी पर बैठना फिलहाल टालते हुए कहा कि ‘भाई’ यानी एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में ही मेयर कार्यालय की कुर्सी पर बैठेंगी।
ठाणे में शिवसैनिक एकनाथ शिंदे को पहले से ही भाई के नाम से संबोधित करते रहे हैं। ठाणे के मेयर चुनाव में शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे को उपस्थित रहना था, लेकिन जिलापरिषद चुनाव सभा के चलते वे उपस्थित नहीं रह सके। ठाणे की मेयर शर्मिला पिम्पोलकर ने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में ठाणे शहर के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे ने हम महिलाओं को मौका देकर महाराष्ट्र का “लाड़का भाऊ” यानी लाडले भाई की भूमिका को बखूबी निभाया है।
उधर सेना के साथ गठबंधन कर ठाणे मनपा का चुनाव लड़ी बीजेपी को 28 सीटें मिली। मनपा मुख्यालय में बीजेपी के डिप्टी मेयर चुने जाने पर कृष्णा पाटिल ने मनपा के डिप्टी कार्यालय जाकर पदभार ग्रहण किया। इस दौरान शहर के विधायक संजय केलकर, विधायक निरंजन डावखरे, शहर अध्यक्ष संदीप लेले सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी व नगरसेवक उपस्थित थे। डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस भी निकाला।
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ठाणे मनपा में दूसरे नंबर की पार्टी बीजेपी के सत्ता में शामिल होने के बाद अब प्रतिपक्ष पर लोगों की नजरें लगी हुई हैं। शिवसेना बीजेपी को छोड़ कोई भी दल 10 प्रतिशत सीटें नहीं पा सका है। कुल 131 सीटों में NCP (शरद पवार) के 12, NCP (अजित पवार) के 9, MIM के 5, शिवसेना (यूबीटी) का 1 और एक निर्दलीय नगरसेवक हैं। चर्चा है कि यदि दोनों एनसीपी मिलकर आघाड़ी (गुट) बनाते हैं तो उन्हें प्रतिपक्ष के नेता का पद मिल सकता है।
ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का पांच साल का टर्म 6 मार्च, 2022 को खत्म हो गया था तब से 3 साल 10 माह तक मनपा में प्रशासकीय राज था जो मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के साथ ही खत्म हो चुका है।
– नवभारत लाइव के लिए ठाणे से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट