Thane में वित्त आयोग की समीक्षा बैठक, टैक्स सुधारों पर हुई चर्चा

Thane में हुई समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र वित्त आयोग प्रमुख नितिन करीर ने प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स रिवाइज करने की जरूरत बताते हुए मनपाओं की आय बढ़ाने के कई उपाय सुझाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Property Tax: महाराष्ट्र राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नितिन करोर ने कहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर सप्लाई टैक्स को रिवाइज करना जरूरी है। इस संदर्भपदाधिकारियों को विश्वास में लेकर फैसला लिया जाना चाहिए, ताकि बढ़े हुए टैक्स का लोगों में कोई विरोध न हो।

साथ ही नए कंस्ट्रक्शन के लिए ली जाने वाली फीस के बारे में भी फैसला लिया जाना चाहिए, ताकि महानगरपालिकाओं को ज्यादा इनकम मिल सके। करीर गुरुवार को ठाणे में राज्य की महानगरपालिकाओं के आर्थिक स्थिति की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।

ठाणे मनपा के नागरी संशोधन केंद्र में गुरुवार को 60 महाराष्ट्र वित्त आयोग की बैठक आयोग के अध्यक्ष नितीन करीर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव गोविंद राज, नगर प्रशासन निदेशालय के आयुक्त अभिषेक कृष्णा, ठाणे महापालिका आयुक्त सौरभ राव सहित राज्य के विविध महापालिकाओं के आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त उपस्थित थे।

तय गइडलाइंस को अपने का दिया सुझाव नगर महापालिकाओं

ठाणे मनपा के माध्यम से स्थानीय लोगों को मूलभूत सेवा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है साथ ही दूरगामी परियोजनाएं क्रियान्वित की जाती है। मनपा इसका खर्च अलग-अलग टैक्स से होने वाली आमदनी से उठाती है। अध्य नितिन करीर ने कहा कि मनपा को मिलने वाली आय में काफी बढ़ोतरी होनी चाहिए और सर्विस सुविधाएं और अच्छे से मिलनी चाहिए, राज्य की महानगरपालिकाओं की मौजूदा फाइनेंशियल हालत का रिव्यू करने के बाद रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से तथ गाइडलाइंस को अपनाया जाना चाहिए, समीक्षा बैठक में ठाणे मनपा सौरभ राव ने महाराष्ट्र राज्य विस आयोग के जरिए जरूरी मदद पाने से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा की।

कई मुद्दों पर की गई चर्चा

बैठक में एजुकेशन सेस, एम्प्लॉयमेंट गारंटी सेस, रहने की जगहों पर टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी, मनपा के जरिए दवाइयां और खाने-पीने की चीजें बनाने वाली जगहों को लाइसेंस बांटने, सभी दुकानों और जगहों के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल से मिलने वाली फीस, रोड टैक्स से मिलने वाली इनकम नगर निगमों को ट्रांसफर करने वगैरह से जुड़ी मांगे रखी गई।

अध्यक्ष नितिन करीर ने यह भी सुझाव दिया कि जब नगर निगम आने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए बजट तैयार कर रहा है, तो उसे जमा हुए खर्च को ठीक से कोऑर्डिनेट करके एक ऑब्जेक्टिव बजट बनाना चाहिए ताकि खर्च बच सकें और नगर निगम पर फाइनेंशियल बोझ न पड़े।

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