

Thane District Collector Office: सूचना का अधिकार नागरिकों को शासन-प्रशासन से जुड़ी जानकारी हासिल करने का महत्वपूर्ण अधिकार देता है। इसी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय सूचना अधिकार दिवस मनाया गया। इस मौके पर निवासी उपजिलाधिकारी डॉ. संदीप माने ने सूचना का अधिकार कानून के प्रावधानों और अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मौजूदा समय में सूचना का अधिकार कानून को लागू हुए 21 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर डॉ. माने ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ नागरिकों की शासन व्यवस्था में भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सूचना के अधिकार से जुड़े आवेदनों का समय पर निपटारा करने और आवेदकों से संवाद करते समय आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में सहायक जन सूचना अधिकारी और जन सूचना अधिकारी की भूमिका भी समझाई गई। सहायक जन सूचना अधिकारी को आवेदन या अपील स्वीकार कर उसकी पावती देने के साथ जरूरतमंद आवेदकों को आवेदन लिखने में सहायता करना होती है। प्राप्त आवेदन को संबंधित जन सूचना अधिकारी या अपीलीय प्राधिकारी तक पांच दिनों के भीतर पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
जन सूचना अधिकारी को प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार 30 दिनों के भीतर निर्णय लेना होता है। मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने की अंतिम जिम्मेदारी भी जन सूचना अधिकारी की होती है। यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की सहायता ली जाती है और उसकी वजह से सूचना देने में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
डॉ. माने ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के तहत नागरिक हिंदी, मराठी या अंग्रेजी में साधारण कागज पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क 10 रुपये है, जबकि गरीबी रेखा से नीचे के आवेदकों को शुल्क से छूट दी गई है।
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार हर वर्ष 28 सितंबर को राज्य स्तर पर सूचना अधिकार दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में प्रभारी नायब तहसीलदार सुरेश महाला, निवासी नायब तहसीलदार विशाल इंदूलकर, स्वप्निल मुणगेकर सहित जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
आरडीसी डॉ. माने ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों के साथ पत्राचार करते समय भाषा सरल और शालीन रखी जाए तथा पत्र पर संबंधित अधिकारी का नाम, हस्ताक्षर, कार्यालय का पूरा पता, फोन नंबर और ई-मेल जैसी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए।