पानी की समस्या होगी गंभीर! गांव के पानी का गांव में ही होगा उपयोग, ठाणे जिला प्रशासन की पहल

Thane Water Crisis: ठाणे जिले में कमजोर मानसून और संभावित जलसंकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल संरक्षण के लिए सात दिवसीय विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
thane district vanrai dam water conservation campaign
ठाणे जलसंकट(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • ठाणे जिला प्रशासन ने संभावित गर्मी के जलसंकट से निपटने के लिए सात दिवसीय विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया।

  • जनसहभागिता और श्रमदान से गांवों में वनराई बांध बनाए जाएंगे।

  • अभियान का उद्देश्य बारिश के पानी को स्थानीय स्तर पर रोकना और भूजल स्तर में सुधार करना है।

Thane District Administration: अलनीनो के चलते मानसून रूठने की वजह से ग्रामीण व शहरी भागों में अभी से ही पानी की कमी महसूस की जा रही है। आगामी गर्मी के मौसम में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में संभावित जलसंकट, भूजल स्तर में गिरावट, खेती के लिए पानी की उपलब्धता और पशुधन की पेयजल जरूरतों को देखते हुए ठाणे जिला प्रशासन ने जल संरक्षण की विशेष मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया है।

चलेगा विशेष अभियान

इसके तहत पूरे जिले में जनसहभागिता से सात दिवसीय विशेष अभियान चलाकर वनराई बांध बनाए जाएंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के बाद नदी, नालों और छोटी जलधाराओं से बहकर निकलने वाले पानी को स्थानीय स्तर पर रोककर उसका उपयोग करना है।

जिला प्रशासन ने ‘गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में’ की अवधारणा को साकार करने के लिए इस अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की योजना बनाई है। प्रशासन के अनुसार, स्थानीय स्तर पर पानी रोकने और जमीन में उसका पुनर्भरण बढ़ाने से कुओं, बोरवेल और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

thane district vanrai dam water conservation campaign
नागपुर में सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट, चांदी इस साल पहली बार 2 लाख के नीचे, सोना भी 1,800 रुपये सस्ता

जलसंकट कम करने पर जोर

अभियान के माध्यम से खेती, बागवानी, पशुधन और ग्रामीण परिवारों की दैनिक जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इससे गर्मियों में होने वाली पानी की कमी की गंभीरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। श्रमदान और स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल से गांवों में जल संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।

सात दिन में होगा स्थलों का चयन

जिला प्रशासन ने संबंधित परिपत्र प्राप्त होने के बाद सात दिनों के भीतर वनराई बांधों के निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक तालुका में ग्राम पंचायत स्तर पर संभावित स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। जलप्रवाह, भौगोलिक स्थिति, पानी की जरूरत, संभावित लाभ क्षेत्र और ग्रामीणों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए तकनीकी रूप से उपयुक्त एवं सुरक्षित स्थानों का चयन किया जाएगा।

thane district vanrai dam water conservation campaign
छत्रपति संभाजीनगर: दीवाली-छठ पर कंफर्म सीट की टेंशन खत्म, जानिए किस तारीख को किस ट्रेन में बची हैं कितनी बर्थ

अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को दी गई है। ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना, तकनीकी जांच और श्रमदान का नियोजन करेंगे। सरपंच, ग्रामसेवक और ग्राम विकास अधिकारी विशेष ग्रामसभाओं के माध्यम से किसानों, युवक मंडलों, महिला बचत समूहों और ग्रामीणों को अभियान से जोड़ेंगे। कृषि एवं जल संरक्षण विभाग बांधों की संरचना और सुरक्षा संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन देगा।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी जोर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांध बनाते समय प्राकृतिक जलप्रवाह बाधित नहीं होना चाहिए और आसपास के खेतों तथा संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। श्रमदान करने वाले नागरिकों की सुरक्षा और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के पर्यावरण अनुकूल निस्तारण को भी अनिवार्य बनाया गया है। अभियान की निगरानी के लिए तालुकास्तर पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें चयनित स्थल, निर्मित बांध, सहभागी ग्रामीणों की संख्या और संभावित जलसंचय का विवरण शामिल रहेगा।

thane district vanrai dam water conservation campaign
नासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर के विकास को मंजूरी, कुंभ 2027 से पहले सड़कें होंगी दुरुस्त

राज्य सरकार ने दिए निर्देश

प्रत्येक कार्यस्थल के निर्माण से पहले और बाद की जियो-टैग तस्वीरें भी रिपोर्ट के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाएंगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उल्लेखनीय है कि बरसात न होने की वजह से ठाणे जिले के बड़े जलाशयों में पानी का स्तर नीचे है। आगामी मानसून तक शहरों के लिए भी पेयजलापूर्ति का नियोजन किए जाने के निर्देश राज्य सरकार ने दिया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com