प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane News In Hindi: ठाणे की एक अदालत ने 36 वर्षीय व्यक्ति को 9 वर्ष के अपने बच्चे की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने लगभग 12 साल मामले में उसे अपनी पत्नी तथा तीन अन्य बच्चों की हत्या के प्रयास का दोषी भी ठहराया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस जी इनामदार ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी सुनील सदाशिव पाताडे के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह साबित कर दिया। मामला कल्याण के रामबाग का है। सदाशिव पाताडे अपने परिवार के साथ रामबाग गली नंबर 4 स्थित स्वानंद कालोनी में रहता था।
अभियोजन के अनुसार यह मामला सात मार्च 2013 का है। उसने बताया कि आरोपी ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह के कारण उस पर और अपने तीन बच्चों पर उस वक्त हमला कर दिया था जब वे सो रहे थे।
हमले में उसके नौ साल के बेटे की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और अन्य दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। महात्मा फुले चौक पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 324 (खतरनाक हथियार या साधन से स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया था।
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तत्कालीन वरिष्ठ निरीक्षक बलिराम सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक एस के धावडे ने जांच कर चार्जशीट अदालत में पेश किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील संजय गोसावी एवं जयश्री भटेजा ने पैरवी की। जबकि आरोपी की तरफ से वकील टी। ए देवरे ने दलील दी। अदालत ने बेटे की हत्या के लिए आरोपी को आजीवन कारावास और परिवार के अन्य सदस्यों की – हत्या के प्रयास के लिए 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई।