ठाणे रिश्वत मामला : डीएमसी पटोले, दो अन्य को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Thane Municipal Corporation: ठाणे रिश्वत मामले में डीएमसी शंकर पटोले समेत तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए, 50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Thane News: महाराष्ट्र में रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार ठाणे के उप नगर आयुक्त शंकर पटोले और दो अन्य लोगों को सोमवार को एक अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पटोले, डेटा ऑपरेटर ओमकार गायकर और सुशांत सुर्वे की पुलिस हिरासत दिन में समाप्त हो गई, जिसके बाद उन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस एस शिंदे की अदालत में पेश किया गया।
इस मामले की जांच कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तीनों की पुलिस हिरासत पर जोर नहीं दिया। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों की जमानत याचिका पर सुनवाई आठ अक्टूबर को निर्धारित की गई है। उप नगर आयुक्त पटोले और गायकर को एक अक्टूबर को नगर निगम मुख्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा मारे गए छापे के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
पटोले ठाणे नगर निगम के अतिक्रमण नियंत्रण और निष्कासन विभाग का नेतृत्व कर रहे थे। रियल एस्टेट डेवलपर अभिजीत कदम ने मुंबई एसीबी से शिकायत की थी कि ठाणे के एक नगर निगम अधिकारी (पटोले) ने शहर में उनके परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
सम्बंधित ख़बरें
बिहार सरकार का बड़ा फैसला! राज्य में PPP मॉडल पर चलेंगे 16 मेडिकल कॉलेज, 17 प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट मुहर
आज की ताजा खबर 05 अगस्त LIVE: PM मोदी के वीडियो विवाद पर मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी
E20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर उठे सवाल तो एक्शन में आई सरकार, 302 टैंकर एथेनॉल किए गए रिजेक्ट
विदेशों में छिपे भगोड़ों पर मोदी सरकार का एक्शन! 36 देशों से 274 अपराधी लाए गए भारत, हजारों करोड़ जब्त
यह भी पढ़ें- 48 साल बाद मिला इंसाफ! 1977 के अपहरण केस में आरोपी को कोर्ट ने किया बरी
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसने चार जुलाई को सुशांत सुर्वे के माध्यम से अधिकारी को 10 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। सुर्वे ने तीन अक्टूबर को आत्मसमर्पण कर दिया था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
