

Thane District Ideal Teacher Award: ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 5 शिक्षकों को ‘जिला आदर्श शिक्षक गुणगौरव पुरस्कार 2026-27’ से सम्मानित किया गया। जिला परिषद, ठाणे के शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को बी. जे. हाईस्कूल में आयोजित समारोह में शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का गौरव किया गया।
समारोह में विधायक संजय केलकर, निरंजन डावखरे ज्ञानेश्वर म्हात्रे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी वैजनाथ बुरुडकर, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी बालासाहेब राक्षे, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी देविदास महाजन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाओं पर पुष्पहार अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला परिषद स्कूल, सोनाले के विद्यार्थियों ने ईशस्तवन प्रस्तुत किया। विधायक संजय केळकर ने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विधायक निरंजन डावखरे ने तकनीक और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों को तकनीक के उपयोगी पहलुओं से परिचित कराकर सही दिशा देने का आह्वान किया।
विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को भी पुरस्कार देने की मांग की। उन्होंने आश्वासित प्रगति योजना, अंतरजिला तबादले और पवित्र पोर्टल भर्ती जैसे विषयों पर भी विचार रखे। साथ ही जिला परिषद की कोई भी स्कूल बंद न हो, इसके लिए सामूहिक प्रयास करने तथा विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने की अपील की।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव ने कहा कि ‘जेन-जी’ पीढ़ी के सामने नई चुनौतियों के साथ बड़े अवसर भी हैं। विद्यार्थियों की जिज्ञासा को सही दिशा देना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना शिक्षकों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने ‘मिशन भरारी’, ‘मिशन छात्रवृत्ति’, ‘विनोबा ऐप’ और ‘निपुण महाराष्ट्र’ जैसे उपक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को गति देने पर जोर दिया।
पुरस्कार पाने वालों में अंबरनाथ की छाया संजय कोकंदे, भिवंडी के सुभाष गोविंद पाटील, कल्याण की रंजना प्रकाश टेंभे, मुरबाड के तानाजी धर्मा जाधव और शाहपुर के वैभव गणपत मांजे शामिल हैं। इन शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों की गुणवत्ता, जिज्ञासा, आत्मविश्वास और विभिन्न परीक्षाओं में सहभागिता बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है।