
महायुति (सौ. फाइल फोटो )
Maharashtra Nikaay Chunaav: राज्य में भाजपा, शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महायुति की सरकार है। तीनों पार्टियों के नेता स्थानीय निकायों में महायुति की सत्ता स्थापित होने का दावा कर रहे हैं। तीनों दल लोकसभा और विधानसभा चुनाव महायुत्ति के तहत लड़े हैं।
राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनके होम टाउन में ही महायुति की प्रमुख पटक भाजपा से चुनौती मिल रही है। भाजपा ने राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक के नेतृत्व में ठाणे सहित जिले की अन्य महानगर पालिकाओं में खुद के बल पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की है।
मंत्री गणेश नाईक ने कहा है कि ठाणे शहर के विधायक केलकर के नेतृत्व में इस बार ठाणे मनपा में चमत्कार होगा। ठाणे जिले को शिवसेना विशेषकर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद का गढ़ माना जाता है।
जबकि जिले के नवी मुंबई में भाजपा नेता गणेश नाईक का दबदबा है। गणेश नाईक वर्षों तक अविभाजित ठाणे जिले (ठाणे पालघर) के पालक मंत्री रहे हैं।
शिंदे से केलकर और नाईक का छत्तीस का आंकड़ा कुछ दिन पहले, भाजपा ने वन मंत्री गणेश नाईक को ठाणे जिला चुनाव प्रमुख व विधायक संजय केलकर को ठाणे शहर चुनाव प्रमुख नियुक्त किया था। इन दोनों नेताओं का उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से छत्तीस का आंकड़ा है।
गुरुवार को मंत्री नाईक और विधायक केलकर ने ठाणे शहर स्थित साई बाबा मंदिर में दर्शन किए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री नाईक ने चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने साई बाबा से प्रार्थना की है कि ठाणे के लोगों की समस्याएं दूर हों और ठाणे के लोग खुश रहें।
कुल मिलाकर, हर जगह माहौल सकारात्मक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर तरह से प्रगति कर रहा है। मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री फडणवीस के रूप में परिपक्व नेतृत्व है। वे सभी को साथ लेकर काम कर रहे हैं।
वह किसी भी हालत में देवेंद्र कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने देंगे, इसके लिए उनके बड़े सहयोगी के रूप में, राज्य नेतृत्व के सामने उनकी बात रखूंगा, उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि साई बाबा की कृपा और विधायक संजय केलफर के नेतृत्व में ठाणे में चमत्कार होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ठाणे मनपा में युति का निर्णय उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे करेंगे, जबकि दन मंत्री गणेश नाईक व विधायक संजय कैलकर दोनों ही गठबंधन करने के बहुत इच्छुक नहीं है और पहले खुले तौर पर अकेले चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके है। अब ये दोनों नेता ठाणे के चुनाव प्रमुख है। इसलिए, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा, बल्कि वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगे।
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भाजपा के राज्य स्तरीय नेतृत्व ने महायुति के भीतर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। लेकिन इन मंत्री गणेश नाईक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि महायुति के भीतर चुनाव लड़ते समय इस बात का ध्यान रखा जाना याहिए कि कार्यकर्ताओं के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।






