मालेगांव से आगे बढ़ने की तैयारी में ‘इस्लाम’ पार्टी, महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत

ISLAM Party Expansion Maharashtra: मालेगांव में बड़ी जीत के बाद इस्लाम पार्टी ने राज्यस्तरीय अधिवेशन के जरिए पूरे महाराष्ट्र में संगठन विस्तार के संकेत दिए।
Malegaon municipal election result
ISLAM party expansion Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Malegaon Politics: मालेगांव की स्थानीय राजनीति में निर्णायक प्रभाव स्थापित करने के बाद अब आसिफ शेख के नेतृत्व वाली इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र यानी ‘इस्लाम’ पार्टी ने अपनी राजनीतिक यात्रा को राज्य स्तर तक ले जाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। मालेगांव महानगरपालिका में सत्ता हासिल करने के बाद पार्टी अब केवल शहर तक सीमित न रहते हुए पूरे महाराष्ट्र में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा रही है। यह संकेत पार्टी के पहले राज्यस्तरीय अधिवेशन में सामने आए।

महज दो वर्ष पहले गठित इस्लाम पार्टी ने मालेगांव मनपा चुनाव में 34 सीटों पर जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया। इस चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को पराजित कर सत्ता स्थापित करना पार्टी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता के बाद इस्लाम पार्टी को अब केवल एक स्थानीय प्रयोग न मानकर राज्य की राजनीति में उभरते हुए एक संभावित घटक के रूप में देखा जाने लगा है।

राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना

इसी पृष्ठभूमि में रविवार को मालेगांव में आयोजित राज्यस्तरीय अधिवेशन में महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र, मुंबई और कोकण सहित कुल 12 जिलों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और गुजरात से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी को पार्टी के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। अधिवेशन में पार्टी की वैचारिक दिशा, मालेगांव महानगरपालिका में मिले सत्ता अनुभव और आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान महानगरपालिका में मिली सफलता के आधार पर राज्यभर में संगठन विस्तार का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस्लाम पार्टी के इस निर्णय से महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

विस्तार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से मुस्लिम मतदाताओं पर प्रभाव बनाए रखने वाली AIMIM के लिए यह विस्तार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मालेगांव विधानसभा चुनाव में मात्र 162 वोटों से पराजय झेलने के बाद मनपा चुनाव में AIMIM को हराकर सत्ता हासिल करना, आसिफ शेख की स्थानीय राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।

शेख लगातार AIMIM पर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने और भाजपा की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाते रहे हैं। इसके विपरीत, इस्लाम पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर आधारित और विकासोन्मुख राजनीति करने वाली पार्टी बताती है। इसके समर्थन में पार्टी यह भी उल्लेख करती है कि मालेगांव मनपा में उसके 35 नगरसेवकों में 3 हिंदू नगरसेवक भी शामिल हैं। राज्यस्तरीय अधिवेशन के माध्यम से इस्लाम पार्टी ने महाराष्ट्रभर में विस्तार का संकल्प दोहराया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी राज्य की राजनीति में किस हद तक प्रभावी भूमिका निभा पाती है।

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