मीरा-भाईंदर: टेंबा अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं का बड़ा घोटाला उजागर, मंत्री सरनाईक का सख्त एक्शन
Pratap Sarnaik: मीरा-भाईंदर के टेंबा सरकारी अस्पताल में एक्सपायरी के करीब दवाओं की आपूर्ति का मामला सामने आने पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और जांच शुरू कराई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Pratap Sarnaik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Temba Hospital Medicine Scam: भाईंदर पश्चिम स्थित पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) सरकारी अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करोड़ों रुपये की एक्सपायरी के करीब पहुंच चुकी दवाएं अस्पताल में पहुंचाई गई थीं। इस गंभीर लापरवाही का खुलासा महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अचानक निरीक्षण दौरे के दौरान हुआ।
जानकारी के अनुसार, 27 मार्च को ‘सक्षम फाउंडेशन’ द्वारा लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल को दी गईं। हैरानी की बात यह है कि इन दवाओं की एक्सपायरी डेट 30 मार्च थी, यानी केवल 48 घंटे की वैधता बची थी। इतना ही नहीं, अस्पताल ने इन दवाओं की मांग भी नहीं की थी।
1.65 करोड़ की दवाएं, सिर्फ 48 घंटे की वैधता!
सामान्य नियमों के अनुसार अस्पताल कम से कम 6 महीने की वैधता वाली दवाएं ही स्वीकार करता है। ऐसे में यह मामला सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ का संकेत देता है। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों और अधिकारियों की सतर्कता से इन दवाओं का उपयोग रोका गया और फाउंडेशन को लिखित रूप में लौटा दिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
कारगिल से कन्याकुमारी तक रिकॉर्ड दौड़, ठाणे पहुंचे अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी, रोजाना 70 से 80 Km दौड़ रहें हैं
नाला सफाई सिर्फ 35% पूरी, भिवंडी मनपा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; मुख्यमंत्री से जांच की मांग
9 साल बाद भी अधूरी सूर्या जलापूर्ति योजना, अब अगस्त 2026 तक जलाशय तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
Ayushman And Mahatma Phule Scheme का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाएं-महापौर मेहता, शहर में लगेंगे विशेष शिविर
मंत्री सरनाईक का कड़ा रुख
निरीक्षण के दौरान मंत्री सरनाईक ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। साथ ही एफडीए विभाग को अस्पताल की संपूर्ण जांच करने को कहा गया। मंत्री सरनाईक ने स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल
करीब 250 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में रोजाना 500 से 600 मरीज इलाज के लिए आते हैं। बावजूद इसके कई बुनियादी सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं। निरीक्षण के दौरान इन खामियों की भी पहचान की गई। इस निरीक्षण दौरे में एफडीए अधिकारी, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, अस्पताल के व्यवस्थापक जाफर तडवी और संबंधित विभाग के डॉक्टर उपस्थित थे।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सिर्फ दिखावे के लिए एक्सपायरी के करीब दवाएं देना बेहद शर्मनाक है। ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा।
