Thane: आधी जली लाश से खुली हत्या की गुत्थी, पत्नी समेत चार गिरफ्तार
Thane: शहापुर के चेरपोली में मिली अधजली लाश की पहचान होते ही हत्या की गुत्थी सुलझ गई। पत्नी ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर हत्या की, शव जलाने में हुई गलती ने पूरे राज को उजागर कर दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Thane News In Hindi: सच कभी छुपता नहीं, और हत्या जैसे गंभीर राज भी एक दिन सामने आ ही जाते हैंर यह कहावत ठाणे जिले के शहापुर तालुका में चरितार्थ हुई है। पिछले दिनों जिले के शहापुर तहसील अंतर्गत मुंबई-नाशिक हाईवे पर चेरपीली गांव में एक अधजली एवं सड़ी हुई लाश मिली थी।
पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश किया है। लाश को ठिकाने लगाने में हुई एक गलती ने इस हत्याकांड में शामिल सभी को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया। हत्या की घटना को अंजाम उसकी पत्नी ने ही अपने भाई व अन्य के साथ मिल कर दिया था।
शहापुर तहसील अंतर्गत मुंबई-नाशिक हाईवे पर चेरपोली गांव में 25 नवंबर को एक 30 से 40 साल के एक अज्ञात व्यक्ति की लाश अधजली हुई व सड़ी हुई हालत में मिली थी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी।
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जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची एवं लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मृतक के पहचान की थी। जानकारी जुटाने के बाद मृतक की पहचान तिपण्णा नामक व्यक्ति के रूप में हुई, जो मूल रूप से कर्नाटक के बेल्लारी जिले के सिस्गुष्पा गांव का रहने वाला था।
शहापुर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज होने के बाद, लोकल क्राइम ब्रांच और शाहपुर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच शुरू करने के महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने कल्याण से फैयाज जाकिर हुसैन शेख, सिकंदर बादशाह मुजावर और गुलाम अकबर इफ्तिखार मौलवी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को अदालत में पेश किया गया जिन्हे 3 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गयी।
लाश जल जाती तो नहीं होती मृतक की पहचान
पुलिस को 25 नवंबर को लाश मिली और जैसे ही उसकी पहचान हुई, आरोपियों की तलाश शुरू हो गई। शुरू में पुलिस ने फैयाज और उसके साथियों को गिरफ्तार किया, पूछताछ में फैयाज ने कबूल किया कि हत्या उसकी बहन हसीना के कहने पर की गई थी।
बाद में हसीना को भी गिरफ्तार कर लिया गया, यदि लाश अचजली नहीं मिलती होती तो उसकी पहचान भी नहीं हो पाती थी, और हत्या का राज राज ही रह जाता। लेकिन मृतक की पहचान होने के साथ ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
झगड़ों की वजह से रहने लगे थे अलग
पुलिस के मुताबिक, तिपण्णा और उसकी पत्नी हसीना महबूब शेख कल्याण में रहते थे। दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से झगड़ा चल रहा था। इन्हीं झगड़ों की वजह से दोनों अलग रहने लगे थे। उसके बाद हसीना अपने पति तिपण्णा से तलाक मांग रही थी लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था।
शहापुर के पुलिस निरीक्षक मुकेश धागे ने के मुताबिक हत्या के पीछे मुख्य वजह पीड़िता का आरोपी को तलाक देने से मना करना था। इसलिए, उसने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से मर्डर का प्लान बनाया।
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पुलिस के मुताबिक हसीना के कहने पर, उसका भाई, जो ऑटो रिक्शा चलाता है, 17 नवंबर को अपने साथियों के साथ तिपण्णा को कार से शाहपुर के पास एक जंगल में ले गए। वहां उन्होंने उसे मार डाला और उसकी लाश को जलाने की कोशिश की। लेकिन वह पूरी तरह से जल नहीं पायी। इसलिए उन्होंने आधी जली हुई लाश को मुंबई-नासिक हाईवे पर फेंक दिया।
