

समृद्धि महामार्ग पर सरकारी इंजीनियर का अपहरण कर लूट की वारदात।
ठाणे ग्रामीण पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार।
इंजीनियर का सबस्टिट्यूट ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड।
चाकू और बंदूक के दम पर 30 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूटे थे।
Samruddhi Mahamarg Loot Case 5 Arrest: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की कल्याण ग्रामीण-टिटवाला पुलिस ने समृद्धि महामार्ग पर कार सवार सरकारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर खान अब्दुल फरीद अब्दुल हामिद के अपहरण और लूट के मामले में संदिग्धों को महज 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया है। नकदी व कीमती सामान लूटने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चाकू और बंदूक दिखाकर वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश बाबूलाल शेवाले (21), आकाश मर्दनसिंह उसारे (23), गोपाल कमलाल बामनावत (24), दुर्गेश ताराचंद फटपुरे (21) और लहू जयसिंह बरवाल (18) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
ठाणे ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनमोल मित्तल ने बताया कि घटना दो नवंबर को कल्याण तालुका में समृद्धि एक्सप्रेसवे की नागपुर से मुंबई जाने वाली लेन पर हुई। पुणे निवासी 55 वर्षीय खान अब्दुल फरीद अब्दुल हामिद अपने चालक के साथ कार से छत्रपति संभाजीनगर से ठाणे के कलवा जा रहे थे। इसी दौरान पांच आरोपियों ने अपनी कार उनके वाहन के सामने लगाकर रास्ता रोक दिया।
आरोपियों ने चाकू और बंदूक दिखाकर हामिद और उनके चालक को धमकाया। इसके बाद उनसे 30 हजार रुपये नकद और दोनों के मोबाइल फोन लूट लिए। आरोपियों ने चालक को कुछ समय तक कार में बंधक भी बनाए रखा।
ठाणे जिले की पुलिस मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ पहले इंजीनियर के लिए सबस्टिट्यूट ड्राइवर के तौर पर काम कर चुके थे। इस वजह से संदिग्धों को इंजीनियर के सफर के शेड्यूल, उनकी योजनाओं और इस बात की पूरी जानकारी थी कि उनके पास नकद रकम है। पता चला है कि इसी अंदरूनी जानकारी के आधार पर उन्होंने लूट की साजिश रची थी।
पीड़ित सरकारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर खान अब्दुल फरीद अब्दुल हामिद की शिकायत पर कल्याण तालुका पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनमोल मित्तल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की निगरानी की।
ठाणे पुलिस को घटनास्थल से कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। जांच में पता चला कि सभी आरोपी अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर भाग गए हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और मंगलवार को पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।