

शहर में कुल 3 लाख 25 हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं।
इनमें से 1 लाख 78 हजार 155 संपत्ति धारकों पर टैक्स बकाया है।
कुल बकाया राशि करीब 1,256 करोड़ रुपये है, जिसमें 300 से 325 करोड़ रुपये दंड शामिल है।
Chhatrapati Sambhajinagar Property Tax Penalty Waiver 2026: महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच संपत्ति कर की भारी बकाया राशि से परेशान शहरवासियों के लिए छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने दिवाली पर बड़ी राहत का रास्ता खोल दिया है। शहर के 1 लाख 78 हजार से अधिक बकायेदारों को अब संपत्ति कर पर लगने वाले दंड से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी। मनपा की आम सभा में बुधवार, 4 नवंबर को महापौर समीर राजूरकर ने 100 प्रतिशत दंड (शास्ती ) माफी की महत्वपूर्ण घोषणा की।
धनतेरस से 31 दिसंबर तक लागू रहने वाली इस योजना के अंतर्गत बकाया संपत्ति कर की पूरी राशि एकमुश्त जमा करने वालों का संपूर्ण दंड माफ कर दिया जाएगा। यह निर्णय केवल कर वसूली बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों के कारण बकाया कर जमा नहीं कर पाने वाले हजारों परिवारों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महापौर समीर राजूरकर व मनपा आयुक्त अमोल येडगे के पहल पर लिए गए इस निर्णय को मनपा के सभी पदाधिकारियों, विभिन्न दलों के गुट नेताओं और पार्षदों का समर्थन मिला है। आयुक्त अमोल येडगे ने भी इस योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक भूमिका निभाई है।
जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बनी सहमति इस निर्णय की विशेषता है। इससे नागरिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ महानगरपालिका की आय बढ़ाने का भी अवसर मिलेगा। महानगरपालिका के अभिलेखों के अनुसार शहर में कुल 3 लाख 25 हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। इनमें से 1 लाख 78 हजार 155 संपत्ति धारकों पर संपत्ति कर बकाया है।
वर्तमान मांग, पुराने बकाया, एरियर और दंड को मिलाकर कुल बकाया राशि लगभग 1,256 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसमें अकेले 300 से 325 करोड़ रुपये दंड के हैं। अब 100 प्रतिशत दंड माफी की घोषणा से बकायेदारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही मनपा को वर्षों से अटकी कर वसूली में तेजी आने की उम्मीद है।
आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ उठाने के लिए संपत्ति धारकों को अपना संपूर्ण बकाया संपत्ति कर एक ही बार में जमा करना होगा। केवल दंड की राशि माफ की जाएगी, मूल कर की राशि जमा करना अनिवार्य रहेगा। इसमें 95, 75 या 50 प्रतिशत जैसी अलग-अलग श्रेणियों में छूट नहीं दी जाएगी।
जो संपत्ति धारक पूरी बकाया राशि एकमुश्त जमा करेंगे, उन्हें ही 100 प्रतिशत दंड माफी का लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत आयुक्त को संपत्ति कर पर दंड लगाने और उसे पूरी तरह अथवा आंशिक रूप से माफ करने का अधिकार प्राप्त है। इसी अधिकार के तहत यह निर्णय लिया गया है।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने इससे पहले गुंठेवारी नियमितीकरण योजना के माध्यम से भी नागरिकों को बड़ी राहत दी थी। खुले भूखंडों के नियमितीकरण के लिए बेटरमेंट शुल्क में 50 प्रतिशत छूट और मकानों के निर्माण से संबंधित शमन शुल्क में राहत दी गई थी।
अगस्त से अक्टूबर के बीच लगभग 16 हजार आवेदन प्राप्त हुए और मनपा को करीब 125 करोड़ रुपये की आय हुई। 31 अक्टूबर को इस योजना की अवधि समाप्त हुई थी। अब संपत्ति कर दंड माफी की घोषणा से नागरिकों को एक और महत्वपूर्ण अवसर मिला है।
इससे पहले तत्कालीन प्रशासक जी. श्रीकांत के कार्यकाल में गत वर्ष 25 जुलाई से 25 अगस्त तक 'दंड से मुक्ति' अभियान चलाया गया था। उस दौरान अलग-अलग चरणों में दंड पर छूट दी गई थी। इस योजना में 56 हजार 463 संपत्ति धारकों ने लाभ उठाया और मनपा के खजाने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई थी। पिछले अभियान की सफलता को देखते हुए इस बार सीधे 100 प्रतिशत दंड माफी देने का निर्णय लिया गया है।
महापौर समीर राजूरकर ने सभी दलों के गुट नेताओं से चर्चा करने के बाद इस निर्णय की घोषणा मनपा की आम सभा में की। सभी गुट नेताओं ने 31 दिसंबर के बाद योजना की अवधि बढ़ाने की मांग नहीं करने पर सहमति जताई है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी से दंड माफी का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए बकायेदारों के पास केवल धनतेरस से 31 दिसंबर तक का समय रहेगा।
मनपा के इस निर्णय से एक ओर नागरिकों को वर्षों से जमा हो रहे दंड से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कर वसूली के माध्यम से शहर के विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से लिया गया यह फैसला दिवाली पर शहरवासियों के लिए वास्तव में बड़ी राहत साबित हो सकता है।