रायगढ़ की अर्थव्यवस्था में रफ्तार, 2028 तक जीडीपी होगी 3 लाख करोड़
Thane News: पनवेल में उद्यमियों से मुलाकात में रायगढ़ जिलाधिकारी किशन जावले ने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट, जेएनपीटी विस्तार और नई औद्योगिक परियोजनाओं से 2028 तक जिले की जीडीपी 3 लाख करोड़ तक पहुंचेगी।
- Written By: सोनाली चावरे
रायगढ़ (pic credit; social media)
Maharashtra News: रायगढ़ जिले के जिलाधिकारी किशन जावले ने कहा है कि अगले तीन वर्षों में रायगढ़ जिले की जीडीपी में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा और वर्ष 2028 तक यह आंकड़ा 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने यह विश्वास पनवेल में आयोजित एक विशेष बैठक में व्यक्त किया, जिसमें जिले के उद्यमियों और उद्योग से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
जावले ने बताया कि रायगढ़ जिला महाराष्ट्र में औद्योगिक क्षेत्र में पांचवें स्थान पर है। यहां वर्तमान में एक लाख लघु उद्योग और 20 हजार बड़े उद्योग सक्रिय हैं। जिले से हर साल 43 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है और कुल औद्योगिक कारोबार 15 लाख करोड़ रुपये का है। उनका कहना है कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेएनपीटी विस्तार, रेवास रेडी हाईवे, मुंबई-गोवा हाईवे का अंतिम चरण और नैना परियोजना जैसे बड़े विकास कार्य पूरे होने पर यह कारोबार अगले तीन वर्षों में 3 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
अवैध शराब की बिक्री के मुद्दे प्रमुख
इस बैठक का आयोजन जिला उद्योग केंद्र और लघु उद्योग भारती ने पनवेल के आद्य क्रांतिवीर वासुदेव बलवंत फड़के नाट्यशाला में किया था। यहां उद्यमियों ने अपनी कई समस्याएं भी रखीं। इनमें बिजली आपूर्ति में बार-बार कटौती, पनवेल मनपा से कर वसूली के बावजूद सुविधाओं की कमी, ईएसआईसी बोर्ड से अपेक्षित चिकित्सा लाभ न मिलना और औद्योगिक क्षेत्रों के पास अवैध शराब की बिक्री जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र MLC चुनाव, 10 सीटों का रण, भाजपा के 6 उम्मीदवारों पर दिल्ली से लगेगी अंतिम मुहर
गिरीश महाजन से भिड़ने वाली महिला की बढ़ी मुश्किलें; गुणरत्न सदावर्ते की बेटी जेन ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत
ममता दीदी की मुगलिया सरकार अब घर जाएगी, बंगाल में भारी वोटिंग देख गदगद हुए चंद्रशेखर बावनकुले
क्या रिलायंस में काम करने वाले सब मराठी बोलते हैं? ड्राइवरों के समर्थन में संजय निरुपम ने सरकार और MNS को घेरा
जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यटन और होमस्टे व्यवसाय को भी बढ़ावा दिया जाएगा। फिलहाल जिले में करीब 15 हजार लोग होमस्टे व्यवसाय से जुड़े हैं, लेकिन राज्य पर्यटन निगम में सिर्फ दो हजार पंजीकृत हैं। उन्होंने सभी उद्यमियों और व्यवसायियों से जिला उद्योग केंद्र में पंजीकरण कराने की अपील की।
साथ ही, रायगढ़ की 240 किमी लंबी तटरेखा को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना में शामिल किया गया है। इसके तहत मछुआरों को सोलर ड्रायर, प्रसंस्करण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें अधिक लाभ मिल सके और जिले की अर्थव्यवस्था और तेजी से प्रगति कर सके।
