शिंदे सेना की गुंडई पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, डॉक्टर-नर्स को पीटने वाले रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी की मांग

Priyanka Chaturvedi Shinde Sena Ramesh Mhatre Arrest: कल्याण के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट मामले में प्रियंका चतुर्वेदी ने रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी की मांग की है।
Priyanka Chaturvedi Slams Ramesh Mhatre
Published on
Updated on

Priyanka Chaturvedi Slams Ramesh Mhatre: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ हुई बर्बर मारपीट का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के स्थानीय कॉर्पोरेटर (पार्षद) रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों द्वारा एनआईसीयू (NICU) वॉर्ड में बेड की अनुपलब्धता को लेकर एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग स्टाफ की पिटाई के बाद विपक्ष पूरी तरह आक्रामक है।

शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस शर्मनाक घटना को लेकर सीधे उपमुख्यमंत्री शिंदे और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे महाराष्ट्र में "शिंदे सेना का गुंडाराज" करार देते हुए आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को तुरंत गिरफ्तार करने और उन्हें पद से बर्खास्त करने की पुरजोर मांग की है।

महिलाओं पर हाथ उठाने वाले गुंडे हैं सरकार के प्रतिनिधि

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अस्पताल के भीतर हुई मारपीट का विचलित करने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज साझा करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा, "यह शिंदे सेना का खुला गुंडाराज है। ये मौजूदा सरकार के ऐसे प्रतिनिधि हैं जो सरेआम हिंसा पर उतारू हैं, ऑन-ड्यूटी महिलाओं पर हाथ उठाते हैं और आम तौर पर गुंडों जैसा घटिया बर्ताव करते हैं।"

चतुर्वेदी ने आगे कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में केवल नाम के लिए एफआईआर (FIR) दर्ज करना काफी नहीं है। सरकार को कड़ा संदेश देने के लिए आरोपी पार्षद की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए और उसे उसकी नौकरी व राजनीतिक पद से तुरंत निष्कासित कर देना चाहिए।

डोंबिवली पुलिस ने कसी कमर

इस पूरे हिंसक मामले की जानकारी देते हुए डोंबिवली के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुहास हेमाडे ने बताया कि शास्त्री नगर अस्पताल में दो डॉक्टरों और एक महिला नर्स के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े वैभव सालुंखे की आधिकारिक शिकायत के आधार पर विष्णु नगर पुलिस स्टेशन में मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे सहित चार पुरुषों और एक महिला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ था जब डॉक्टरों ने एक गर्भवती महिला के परिजनों को बताया था कि डिलीवरी के बाद नवजात को एनआईसीयू बेड की जरूरत पड़ सकती है, जो अस्पताल में फिलहाल खाली नहीं हैं। डॉक्टरों की इसी चिकित्सकीय सलाह को बहाना बनाकर पार्षद ने अपने गुंडों के साथ अस्पताल में तांडव मचाया था।

कमिश्नर अभिनव गोयल ने की डॉक्टरों से मुलाकात

दूसरी ओर, डॉक्टरों और नर्सों के साथ हुई इस बर्बरता के कारण पूरे चिकित्सा जगत में तीव्र आक्रोश व्याप्त है और डॉक्टरों ने बड़े पैमाने पर हड़ताल पर जाने की खुली चेतावनी दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए म्युनिसिपल कमिश्नर अभिनव गोयल ने स्थिति को संभालने के लिए मंगलवार देर शाम शास्त्री नगर अस्पताल, रुक्मिणी बाई अस्पताल और कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ आपातकालीन बैठक की।

कमिश्नर गोयल ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को आश्वस्त किया कि प्रशासन और पुलिस मिलकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे और किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, मुंबई और ठाणे में जारी भारी मानसून सीजन और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कमिश्नर ने स्वास्थ्यकर्मियों से अपनी हड़ताल की चेतावनी को वापस लेने का भावुक अनुरोध भी किया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com