छह साल से चुनाव न लड़ने पर संकट गहराया, दो पार्टियों का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
Thane news: चुनाव आयोग ने छह साल से निष्क्रिय दो पार्टियों – सेक्युलर अलायंस ऑफ इंडिया और राष्ट्रीय अंत्योदय कांग्रेस – को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 11 सितंबर को इस मामले में सुनवाई होगी।
- Written By: सोनाली चावरे
केंद्रीय चुनाव आयोग (Pic credit; social media)
Maharashtra News: केंद्रीय चुनाव आयोग ने ठाणे जिले के उल्हासनगर और नवी मुंबई से पंजीकृत दो राजनीतिक दलों — सेक्युलर अलायंस ऑफ इंडिया और राष्ट्रीय अंत्योदय कांग्रेस — का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने दोनों दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि वर्ष 2019 से अब तक, यानी पिछले छह वर्षों में, इन दोनों दलों ने किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में आयोग का मानना है कि इन पार्टियों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अनुसार राजनीतिक दल के रूप में कार्य करना बंद कर दिया है।
हालांकि, पंजीकरण रद्द करने का अंतिम निर्णय लेने से पहले आयोग ने दोनों पार्टियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। नोटिस के अनुसार, पार्टियों को लिखित स्पष्टीकरण, संबंधित दस्तावेज और अध्यक्ष या महासचिव का शपथपत्र (हलफनामा) प्रस्तुत करना होगा।
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इस मामले की सुनवाई 11 सितंबर 2025 को मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में होगी। सुनवाई में पार्टी अध्यक्ष, महासचिव या पार्टी प्रमुख की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
नोटिस चुनाव आयोग के उप सचिव एवं संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी मनोहर पारकर के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित दल इस प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लेते हैं या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहते हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
जानकारों का कहना है कि इस कार्रवाई से चुनाव आयोग यह संकेत देना चाहता है कि केवल नाम मात्र के लिए बने दलों को अब बख्शा नहीं जाएगा। आयोग की यह सख्ती चुनावी सुधार और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यदि दोनों दलों का पंजीकरण रद्द होता है, तो वे आगे किसी भी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के योग्य नहीं रहेंगे और न ही उन्हें चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को मिलने वाले किसी लाभ का अधिकार होगा।
